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'पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग से डरते नहीं', UN में भारत की PAK को लताड़

Published: Sat, 10 Oct 2026 01:43 PM (GMT+05:30)

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया, स्पष्ट किया कि वह परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुकेगा और जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।

जिनेवा में भारत के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर सिंह बेदी(फोटो: सोशल मीडिया)

जिनेवा में भारत के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर सिंह बेदी(फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, जिनेवा। संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति की बैठक में भारत ने पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है। भारत ने स्पष्ट किया कि परमाणु हथियारों को रोजमर्रा की कूटनीति का जरिया नहीं बनाया जा सकता।

जिनेवा में भारत के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर सिंह बेदी ने राइट ऑफ रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भारत किसी भी तरह की परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे कभी नहीं झुकेगा। भारत की क्षमताएं पूरी तरह से रक्षात्मक हैं और यह देश के अपने सुरक्षा माहौल के अनुसार तय होती हैं।

जम्मू-कश्मीर भारत का अटूट हिस्सा

पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने करारा जवाब दिया। भारतीय प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि संपूर्ण जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न और अटूट हिस्सा है। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले भारतीय भूभागों को खाली करने की मांग की।

भारत ने दोहराया कि वह हमेशा शांति का समर्थक रहा है, लेकिन अगर गैर-जिम्मेदाराना हरकतों पर कोई जवाबदेही तय नहीं होगी, तो शांति केवल दो संकटों के बीच का एक छोटा सा विराम बनकर रह जाएगी।

संकट पैदा करने का पाकिस्तानी पैटर्न बेनकाब

भारत ने पाकिस्तान के काम करने के तरीके को उजागर करते हुए बताया कि सीमा पार से संकट पैदा करना एक तय ढर्रे पर चलता है। पहले उकसावे की कार्रवाई की जाती है, फिर उसकी जिम्मेदारी से इनकार किया जाता है, और जब भारत जवाब देता है तो संयम बरतने की दुहाई दी जाने लगती है।

भारत ने स्पष्ट किया कि गैर-राज्य कलाकारों की आड़ में हिंसा फैलाने से किसी राज्य की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती और भारत का आत्मरक्षा का अधिकार पूरी तरह सुरक्षित है।

भारत की तीन स्पष्ट रेड लाइन्स

अंतरराष्ट्रीय मंच से भारत ने अपनी नीति की तीन बेहद साफ सीमाएं रेखांकित कीं। पहली यह कि भारत पर होने वाले किसी भी आतंकी हमले का करारा और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

दूसरी यह कि भारत किसी भी परमाणु धमकी के सामने नहीं झुकेगा। तीसरी बात यह कि भारत आतंकवाद को पनाह या वित्तीय मदद देने वालों और उसके मास्टरमाइंड के बीच कोई अंतर नहीं करेगा।

क्या हैं सिंधु जल संधि पर रुख?

भारत ने याद दिलाया कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की हत्या के बाद भारत ने आत्मरक्षा में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जो पूरी तरह से संतुलित और गैर-उकसावे वाला कदम था।

सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए भारत ने कहा कि यह समझौता आपसी विश्वास और सद्भावना पर टिका था। जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और स्थायी रूप से खत्म नहीं करता, तब तक इस संधि को स्थगित रखा जाएगा।

वैश्विक सुरक्षा की चेतावनी

भारत ने ए. क्यू. खान नेटवर्क के इतिहास का हवाला देते हुए परमाणु हथियारों के अवैध प्रसार पर गहरी चिंता जताई। इस नेटवर्क ने दुनिया भर में परमाणु सामग्री और तकनीक की अवैध आपूर्ति की थी।

भारत ने दुनिया के सभी जिम्मेदार देशों से अपील की कि वे उन्नत हथियारों और परमाणु तकनीक के हस्तांतरण पर सर्वोच्च स्तर की सतर्कता बरतें, क्योंकि यह कदम केवल भारत की सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है।

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