यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत ने नेपाल को उपहार में दीं 43 एम्बुलेंस और 50 स्कूल बसें, मंत्री बोले- अब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी
भारत ने रविवार को नेपाल को उपहार में 43 एंबुलेंस और 50 स्कूल बसें उपहार में दी है। नेपाल को ...और पढ़ें

काठमांडू, एएनआई। भारत ने रविवार को नेपाल-भारत विकास साझेदारी कार्यक्रम (Nepal-India Development Partnership Programme) के तहत नेपाल को 43 एम्बुलेंस और 50 स्कूल बसें उपहार में दीं। दूतावास परिसर में आयोजित एक समारोह में नेपाल के विज्ञान, शिक्षा और प्रौद्योगिकी मंत्री ने नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव की उपस्थिति में लाभार्थी संगठनों को चाबियां सौंपीं।
नेपाल ने भारत को दिया धन्यवाद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेपाल के विज्ञान, शिक्षा और प्रौद्योगिकी मंत्री अशोक राय ने वाहन सहायता के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे छात्रों को उनकी पढ़ाई के दौरान सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा,
वर्तमान में, स्कूल असमान रूप से वितरित हैं। पहले स्कूलों की मैपिंग नहीं होती थी, लेकिन अब हम उन्हें मर्ज करने की योजना बना रहे हैं। दो-तीन स्कूलों को एक में विलय करने से जाहिर तौर पर छात्रों को अधिक यात्रा करनी पड़ेगी। यही कारण है कि हमारे स्कूलों को परिवहन के अधिक साधनों की आवश्यकता है। बसों की मांग बढ़ी है।
आने वाले दिनों में, भारत सरकार के इस तरह के समर्थन से हमें उन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और हमें भारतीय दूतावास और सरकार से यह समर्थन मिलता रहेगा। मुझे विश्वास है कि भारत की सहायता निश्चित रूप से हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने में मदद करेगी।
1994 से चल रहा नेपाल-भारत विकास साझेदारी कार्यक्रम
नेपाल-भारत विकास साझेदारी कार्यक्रम 1994 से प्रचलन में है। इस कार्यक्रम के तहत भारत सरकार द्वारा अब तक कुल 974 एम्बुलेंस और 234 स्कूल बसें उपहार में दी गई हैं।
स्कूल बसों की संख्या बढ़ाने का दावा
नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में निरंतर समर्थन की घोषणा करते हुए आने वाले दिनों में स्कूल बसों की संख्या बढ़ाने का वादा किया। उन्होंने कहा,
जैसा कि स्कूलों की मैपिंग चल रही है, हमने यह भी देखा है कि हाल के दिनों में स्कूल बसों की मांग और इच्छा काफी बढ़ गई है। जरूरत और मांग को पूरा करते हुए, पिछले साल, इस साल और आने वाले वर्षों में भी, एम्बुलेंस की तुलना में स्कूल बसों की संख्या बढ़ जाएगी।
राजदूत ने कहा कि भारतीय दूतावास के साथ-साथ सरकार पड़ोसी और सहयोगी नेपाली नागरिकों के विकास के लिए उनके साथ काम करेगी।
