विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'वेनेजुएला को लेकर भारत चिंतित', मादुरो के खिलाफ US के एक्शन पर जयशंकर का क्लियर जवाब

Published: Wed, 07 Jan 2026 09:31 AM (IST)Updated: Wed, 07 Jan 2026 10:57 AM (IST)

नए साल के अगले ही दिन वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भारत ने चिंता ...और पढ़ें

भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर। फाइल फोटो

भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर। फाइल फोटो

HighLights

  1. वेनेजुएला में अमेरिकी हमले और मादुरो की गिरफ्तारी पर चिंता

  2. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बातचीत से समाधान की अपील की

  3. लक्जमबर्ग दौरे पर द्वीपक्षीय वार्ता के बाद दिया बयान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नए साल के अगले ही दिन वेनेजुएला पर अमेरिका ने हमला किया। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया और वेनेजुएला में रातों रात सबकुछ बदल गया। इस घटना को लेकर पूरी दुनिया हैरान है। वहीं, अब भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने भी इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है।

भारतीय विदेश मंत्री का कहना है कि वेनेजुएला में जो कुछ हुआ भारत उससे काफी चिंतित है। बता दें कि भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर लक्जमबर्ग के दौरे पर हैं। वहीं, वेनेजुएला पर हमले के बाद ये जयशंकर का पहला बड़ा बयान है। 

विदेश मंत्री ने क्या कहा?

विदेश मंत्री ने कहा, "हां, वेनेजुएला की स्थिति पर हम चिंतित हैं। हम सभी पक्षों से बैठकर बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने की अपील करते हैं। ये वेनेजुएला के लोगों के भी बेहद जरूरी है। वेनेजुएला के साथ हमारे सालों से अच्छे संबंध रहे हैं। तो हम चाहते हैं कि वहां के लोग सुरक्षित रहें।"

लक्जमबर्ग के साथ द्विपक्षीय वार्ता

भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने लक्जमबर्ग के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद ये बयान दिया। हालांकि, इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को ही वेनेजुएला के हालातों पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से शांति स्थापित करने की अपील की थी।

विदेश मंत्रालय ने जारी किया था हेल्पलाइन नंबर

विदेश मंत्रालय ने कहा था कि काराकास स्थित दूतावास वेनेजुएला में रहने वाले सभी भारतीयों के संपर्क में बना हुआ है। साथ ही उन्होंने भारतीयों से कुछ समय के लिए वेनेजुएला की यात्रा न करने की अपील की थी। विदेश मंत्रालय ने भारतीयों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर +58-412-9584288 भी जारी किया था।

(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें- मादुरो ने स्विट्जरलैंड को क्यों बेचा अरबों का सोना? तीन साल में वेनेजुएला ने भेजा 113 मीट्रिक टन गोल्ड