बैंकाक, प्रेट्र। हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए भारत और जापान मिलकर काम करेंगे। क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री एबी शिंजो की मुलाकात में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सुरक्षा हालात की समीक्षा के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा हुई।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे पर हुई मोदी और एबी के बीच चर्चा

आसियान देशों के सम्मेलन में हिस्सा लेने थाइलैंड की राजधानी बैंकाक पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को एबी शिंजो संग द्विपक्षीय बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की सेना के तेजी से पैर पसारने और बढ़ते आर्थिक दबदबे का मुद्दा बैठक के दौरान प्रमुखता से उठा।

मोदी और एबी ने लिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति की दिशा में काम करने का संकल्प

विदेश मंत्रालय ने बताया, 'हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और प्रगति के साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने अन्य देशों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।' मोदी और एबी ने स्थिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में काम करने का संकल्प ऐसे समय में लिया है, जब क्षेत्र की समुद्री सीमाओं में चीन के बढ़ते दखल को लेकर आसियान के कई सदस्य देशों के बीच चिंता बढ़ी है। मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने इस महीने के अंत में भारत और जापान के विदेश तथा रक्षा मंत्रियों के बीच भारत में होने वाली 'टू प्लस टू' वार्ता के बारे में भी बात की।

मोदी ने एबी के साथ किया कई विषयों पर विमर्श

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, 'अपने मित्र प्रधानमंत्री एबी से मिलना हमेशा शानदार रहा है। आज हमारी मुलाकात बहुत अच्छी थी। हमने अपने देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने सहित कई विषयों पर विमर्श किया।'

भारत-जापान 'टू प्लस टू' वार्ता के लिए आधार तैयार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि दोनों नेताओं ने भारत-जापान 'टू प्लस टू' वार्ता और वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आधार तैयार किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में अगले महीने होने वाले वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन के लिए जापान के प्रधानमंत्री के स्वागत को लेकर वह उत्सुक हैं।

मोदी का भरोसा- भारत-जापान के बीच सफल होगा आगामी शिखर सम्मेलन

मोदी ने भरोसा जताया कि आगामी शिखर सम्मेलन सफल होगा और इससे भारत व जापान के बीच विशेष रणनीतिक तथा वैश्विक साझेदारी और गहरी होगी। पिछले चार महीनों में मोदी और एबी की यह तीसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेता सितंबर में रूस के व्लादिवोस्तोक में मिले थे। बैठक में मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना की प्रगति की समीक्षा भी हुई।

आतंकी समूहों के खिलाफ म्यांमार का सहयोग अहम

आसियान सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से भी मुलाकात की। मोदी ने म्यांमार के रखाइन प्रांत में सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं को विस्तार देने की भारत की तैयारी की जानकारी दी। साथ ही भारत-म्यांमार सीमा पर सक्रिय आतंकी समूहों से निपटने की दिशा में म्यांमार के सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया।

अमेरिका-आसियान बैठक से नदारद रहे शीर्ष नेता

आसियान की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नहीं आने के बाद आसियान देशों के कई नेता सोमवार को अमेरिकी अधिकारियों संग हुई बैठक से दूर रहे। आसियान देशों से केवल थाइलैंड, वियतनाम और लाओस के प्रमुख और कुछ विदेश मंत्री ही बैठक में आए।

अमेरिका दक्षिण एशियाई सहयोगियों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है

अमेरिका की ओर से आसियान सम्मेलन में वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओब्रायन शामिल हुए। इस रवैये के बाद अमेरिका पर दक्षिण एशियाई देशों की अनदेखी का भी आरोप लग रहा है। हालांकि ब्रायन ने इस बात का खंडन किया और कहा कि अमेरिका अपने दक्षिण एशियाई सहयोगियों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आसियान 10 देशों का समूह है, जिसमें इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया शामिल हैं।

Posted By: Bhupendra Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस