हेग, एपी। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) के मुख्य अभियोजक ने सोमवार को अदालत के जजों से अफगानिस्तान में युद्ध व मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच फिर से शुरू करने की तत्काल अनुमति मांगी है। उन्होंने हवाला दिया है कि तालिबानी शासन में देश में वास्तविक व प्रभावी घरेलू जांच की गुंजाइश नहीं रह गई है। यह जांच तालिबान व इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों पर केंद्रित होगी।

वैश्विक अदालत के जजों ने पिछले साल मार्च में अभियोजक करीम खान के पूर्ववर्ती फतू बेंसूडा को जांच की इजाजत दी थी। इस जांच के दायरे में वर्ष 2002 के बाद अफगानिस्तानी सेना, तालिबान, अमेरिकी सैनिक व अमेरिकी विदेशी खुफिया कर्मियों द्वारा किए गए कथित अपराध शामिल थे।

अमेरिकी लोगों की जांच के निर्णय के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने बेंसूडा के खिलाफ प्रतिबंध लगा दिया था। नौ साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद बेंसूडा इसी गर्मी में दायित्व के मुक्त हो गए थे। अफगानिस्तानी अधिकारियों द्वारा मामले को अपने हाथों में लेने की बात कहने के बाद जांच स्थगित कर दी गई थी। आइसीसी की स्थापना वर्ष 2002 में हुई थी।

खान ने एक बयान में कहा कि वह तालिबान व अफगानिस्तान स्थित इस्लामिक स्टेट समूह द्वारा किए गए अपराधों की जांच करने की योजना बना रहे हैं। बाद में इसमें अन्य पहलू भी शामिल किए जाएंगे।

संयुक्त राष्ट्र के बाहर अफगान महिलाओं ने किया प्रदर्शन

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में मानवाधिकारों और महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ सैकड़ों महिलाओं ने रविवार को न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र हेडक्वार्टर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अफगान के लोगों और विशेषकर महिलाओं पर लगीं पाबंदियों पर यूएन को ध्यान देने की जरूरत है। विरोध प्रदर्शन में शामिल अमेरिका में रहने वाली एक अफगान महिला फातिमा रहमती ने कहा कि महिलाएं आधी दुनिया बनाती हैं। इसलिए, जब आप उन्हें काम नहीं करने देते हैं, तो इसके परिणाम भयानक होते हैं।