विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'गंभीर चिंता का विषय', ईरानी न्यूक्लियर बम प्रोग्राम को लेकर IAEA चीफ ने कही बड़ी बात

Published: Wed, 04 Mar 2026 02:14 PM (IST)

IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने ट्रंप के ईरान के परमाणु हथियार बनाने के दावों को चुनौती दी है। उन्होंने ...और पढ़ें

HighLights

  1. IAEA ने ईरान के परमाणु हथियार बनाने के सबूत नहीं पाए।

  2. हथियार-ग्रेड यूरेनियम स्टॉक और पहुंच की कमी चिंताजनक।

  3. ईरान के सहयोग बिना कार्यक्रम शांतिपूर्ण नहीं माना जा सकता।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने ट्रंप प्रशासन के उन दावों को चुनौती दी कि ईरान सक्रिय रूप से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान का न्यूक्लियर-ग्रेड यूरेनियम का स्टॉक एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

एक्स पर एक पोस्ट में ग्रॉसी ने कहा, “ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अपनी रिपोर्ट में मैं बहुत साफ हूं। हालाकि ईरान के न्यूक्लियर बम बनाने का कोई सबूत नहीं मिला है, लेकिन उसके पास हथियार जैसे एनरिच्ड यूरेनियम का बड़ा स्टॉक है और मेरे इंस्पेक्टरों को पूरी पहुंच देने से मना करना गंभीर चिंता की बात है। जब तक ईरान बाकी सेफगार्ड के मुद्दों को हल करने में पूरी तरह से सहयोग नहीं करता, एजेंसी यह भरोसा नहीं दे सकती कि उसका न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है।”

'न्यूक्लियर हथियार के नहीं मिले सबूत'

इससे पहले सीएनएन के साथ एक इंटरव्यू में ग्रॉसी ने विस्तार से बताया कि IAEA को ईरान में किसी सिस्टमैटिक न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम का कोई संकेत नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि लगभग मिलिट्री-ग्रेड यूरेनियम का जमा होना और ट्रांसपेरेंसी की कमी चिंता की बात है, लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ईरान का तुरंत न्यूक्लियर वेपन बनाने का कोई प्लान है।

'एजेंसी तथ्यों का करती है आंकलन'

ग्रॉसी ने आगे कहा, “हमारे पास चिंता के कई कारण हैं, लेकिन कल या परसों कोई बम नहीं था। यूएस या इजरायल जैसे देश इन गतिविधियों को सीधे न्यूक्लियर हथियार बनाने के मकसद से देख सकते हैं, लेकिन IAEA इरादों को नहीं आंकता - यह तथ्यों का आकलन करता है।”

IAEA चीफ की यह बात ऐसे समय में आई है जब यूएस प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका का ईरान पर हमला जरूरी था। उन्होंने ईरान सरकार को “पागल लोग” बताया, जो अगर बम तक पहुंच पाते तो उसका इस्तेमाल करते।

यह भी पढ़ें: US-इजरायल के हमलों के खिलाफ ईरान का एक्शन, 16वीं बार किया अटैक