होर्मुज के बाद अब लाल सागर पर भी संकट, हूती विद्रोहियों ने यमन के मोखा बंदरगाह पर कब्जे का दावा किया
यमन के मोखा बंदरगाह पर हूती विद्रोहियों के कब्जे के दावे के बाद लाल सागर का महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग गहरे संकट में आ गया है।

लाल सागर पर गहराया संकट (फाइल फोटो- रॉयटर्स)
HighLights
हूती विद्रोहियों ने यमन के मोखा बंदरगाह पर कब्जे का दावा किया।
लाल सागर का बाब अल-मंडेब जलमार्ग वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण।
पेरिम द्वीप पर नियंत्रण से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग बाधित होने का खतरा।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण होर्मुज में लगे प्रतिबंद के बाद अब लाल सागर का महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग भी गहरे खतरे में आ गया है।
दरअसल, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण 'मोखा बंदरगाह' पर अपने कब्जे का दावा किया है।
बिल्कुल करीब पहुंचने का दावा
हूती विद्रोहियों का दावा है कि वह लाल सागर पर कब्जे के साथ ही अब 'बाब अल-मंडेब' जलमार्ग के बिल्कुल करीब पहुंच गए हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के पूरी तरह ठप होने की आशंका बढ़ गई है।
वैश्विक व्यापार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मार्ग?
बाब अल-मंडेब जलमार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह जलमार्ग यूरोप और एशिया के बीच होने वाले समुद्री व्यापार के साथ-साथ खाड़ी देशों से दुनिया भर में भेजे जाने वाले कच्चे तेल की आवाजाही के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
इधर होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव के बाद इस वैकल्पिक मार्ग की अहमियत और अधिक बढ़ गई। दुनिया का लगभग 10 प्रतिशत समुद्री कारोबार इसी रूट से होकर गुजरता है। ऐसे में अगर इस पर हूती विद्रोही कब्जा करते हैं तो एक नया संकट पैदा हो सकता है।
पेरिम द्वीप पर कब्जे की कोशिश
ताजा घटनाक्रम के मुताबिक, हूती विद्रोही अब पेरिम (Perim) द्वीप पर नियंत्रण हासिल करने की फिराक में हैं। बाब अल-मंडेब जलमार्ग के सबसे संकरे हिस्से में स्थित यह छोटा सा द्वीप लाल सागर के पूरे रूट के लिए एक प्रमुख रणनीतिक कड़ी है।
अगर विद्रोहियों का इस द्वीप पर कब्जा हो जाता है, तो उनके लिए इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों को रोकना बेहद आसान हो जाएगा।
