हांगकांग, रायटर्स। हांगकाग में जारी विरोध प्रर्दशन में जब से अमेरिका का नाम जुड़ा है, तब से विवाद और भी गहराता जा रहा है। हांगकांग के नेताओं ने चीन की प्रतिनिधि कैरी लैम को चेतावनी दी है। नेताओं ने कहा कि विदेशी संसदों को गहरा अफसोस होगा। मंगलवार को उन्होंने कहा कि एशियन फाइनेंशियल हब में समाजिक विषय का समाधान नहीं हो सकता है। इससे हिंसा को नहीं रोका जा सकता है। बता दें कि पिछले 3 महीने से हांगकांग के कार्यकर्ता अपने लोकतंत्र को बचाने कि लिए विरोध कर रहे हैं। 

आंदोलनकारियों ने अमेरिका से मांगी मदद

थोड़े दिन पहले हांगकांग में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रगान गाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मदद मांगी थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि उन्हें चीन सत्ता से मुक्ति दिलाएं, लेकिन जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोका तो कई इलाकों में टकराव शुरू हो गया। 

हांगकांग है आंतिरक मामला
इसके बाद चीन ने अमेरिका को इस पूरे मामले को आंतिरक मामला बताया था। इसके साथ ही कहा था कि ब्रिटेन और अमेरिका हांगकांग में आशंति फैला रहे हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले को मानवीय तरीके से सुलझाने की सलाह दी थी। 

कैसे शुरू पूरा मामला
सन 1997 तक ब्रिटिश उपनिवेश रहा हांगकांग इस शर्त के साथ चीन को दिया गया था कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार बने रहेंगे। चीन ने हांगकांग को स्वायत्तता दी। लेकिन धीरे नागरिक अधिकारों में धीरे-धीरे कटौती शुरू कर दी। इससे हांगकांग वासियों को लगने लगा कि एक दिन उनकी स्वायत्ता पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इसी के बाद वहां लोकतंत्र की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हुआ। 

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Posted By: Pooja Singh

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