इस्‍लामाबाद, एएनआइ। चीन के बाद पाकिस्‍तान के कराची बंदरगाह का विकास करने के लिए हांगकांग सामने आया है। दरअसल हांगकांग की एक कंपनी ने कराची बंदरगाह में बड़े स्‍तर पर निवेश करने का वादा किया है। 

240 मिलियन डॉलर का निवेश

हांगकांग की कंपनी ने पाकिस्‍तान की कराची बंदरगाह विकसित करने के लिए 240 मिलियन डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। निवेश करने वाली कंपनी 'हचिन्‍सन पोर्ट होल्डिंग्‍स' का मुख्‍यालय हांगकांग में है। बता दें कि मंगलवार को पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और कंपनी के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्‍टर एरिक आइपी के नेतृत्‍व में कंपनी के प्रतिनिधिमंडल की एक बैठक में यह फैसला लिया गया।

कंटेनर रखने की क्षमता में इजाफा 

द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून के अनुसार, इस कार्रवाई के साथ ही देश में हचिन्‍सन के स्‍टाफ की संख्‍या 3,000 हो जाएगी। ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्‍टर एरिक आइपी के नेतृत्‍व में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस निवेश के बाद कराची बंदरगाह पर नए कंटेनर रखने की क्षमता में इजाफा होगा। 

पाक पीएम ने जताई सहमति 

पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस निवेश के प्रति खुशी जाहिर की है। हचिन्‍सन पोर्ट होल्डिंग्‍स दुनिया के सबसे बड़े पोर्ट कंपनियों में से एक है। कंपनी में 30,000 कर्मचारी हैं और यह एशिया व मिड्ल इस्‍ट में 27 देशों के 52 बंदरगाहों व टर्मिनल का संचालन करता है।

ग्‍वादर बंदरगाह को विकसित कर रहा चीन 

इससे पहले ही पाकिस्‍तान के ग्‍वादर बंदरगाह को विकसित करने में चीन जुटा हुआ है। यहां यह बताना महत्‍वपूर्ण है कि पाकिस्तान को राजनीतिक और व्‍यापारिक तौर पर चीन की ओर से सबसे बड़ा समर्थन प्राप्‍त है। चीन पाकिस्तान में ग्वादर बंदरगाह को विकसित कर रहा है। चीन का दावा है कि वह ग्‍वादर बंदरगाह को इतना बड़ा बनाएगा कि कराची बंदरगाह भी छोटा हो जाएगा। 

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Posted By: Monika Minal

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