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हांगकांग, रायटर्स। हांगकांग में प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को 9/11 हमले की याद में प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने इसके साथ ही चीनी राज्य अखबार की रिपोर्ट को खारिज कर दिया कि वे चीनी शासित शहर में बड़े पैमाने पर आतंक फैलाने की योजना बना रहे थे। गौरतलब है कि आज ही के दिन साल 2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमला हुआ था। देश में पिछले कई महीने से प्रदर्शन जारी है। बता दें कि यह प्रदर्शन संदिग्धों व अपराधियों को मुकदमे के लिए चीन में प्रत्यर्पित किए जाने संबंधी प्रस्तावित कानून के खिलाफ हो रहा है। यहां के लोगों का मानना है कि इससे हांगकांग की स्वायत्ता पर खतरा है।   

बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की योजना
चीन डेली के हांगकांग संस्करण ने अपने फेसबुक पेज पर न्यूयॉर्क में ट्वीन टावर्स पर हमलों की एक तस्वीर को पोस्ट कर लिखा था कि सरकार विरोधी कट्टरपंथी 11 सितंबर को हांगकांग में गैस पाइपों को उड़ाने सहित बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की योजना बना रहे हैं। इस पोस्ट में कहा गया है कि लीक हुई जानकारी के मुताबिक ऑनलाइन चैट रूम में कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों द्वारा 9/11 के तर्ज पर आतंकी हमला करने का रणनीति बनाई जा रही थी।

विवाद का जड़
पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश हांगकांग साल 1997 में एक एक देश, दो प्रणाली के तहत चीन में शामिल हुआ था। इसके तहत हांगकांग में कम से कम 2047 तक लोगों की स्वतंत्रता और अपनी कानूनी व्यवस्था को बनाए रखने की गारंटी दी गई थी। लेकिन साल 2014 में हांगकांग में 79 दिनों तक चले अंब्रेला मूवमेंट के बाद लोकतंत्र का समर्थन करने वालों पर चीनी सरकार कार्रवाई करने लगी। 

चीन ने किया इनकार
हांगकांग की नेता कैरी लैम ने कहा है कि वह बिल वापस ले लेंगी, लेकिन हांगकांग के लोगों को यह डर है कि चीन लगातार इस एशियाई वित्तीय केंद्र की स्वायत्तता को खत्म करने की कोशिश में लगा हुआ है। हालांकि, चीन ने इससे इनकार किया है और अमेरिका, ब्रिटेन समेत अन्य देशों पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है।

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Posted By: Tanisk

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