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दुनियाभर में हंटावायरस को लेकर बढ़ी चिंता, खतरनाक आंकड़े आए सामने; अब तक क्या-क्या हुआ?

Published: Sat, 09 May 2026 05:14 PM (IST)

दुनियाभर में हंटावायरस के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है, खासकर एमवी होंडियस क्रूज शिप पर कई संक्रमण और ...और पढ़ें

दुनियाभर में हंटावायरस को लेकर बढ़ी चिंता।               (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

दुनियाभर में हंटावायरस को लेकर बढ़ी चिंता। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया के कई देशों में हंटावायरस संक्रमण के मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अटलांटिक महासागर में चल रहे क्रूज शिप एमवी होंडियस पर सामने आए मामलों के बाद WHO और अमेरिकी CDC अलर्ट मोड में है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि यह वायरल होने के साथ, बेहद घातक साबित हो सकता है।

यह खतरनाक हंटावाररस, मुख्य रूप से चूहों के जरिए फैसता है। संक्रमित जानवरों के मूत्र, मल या लार के संपर्क में आने से इंसानों को संक्रमण हो सकता है। अमेरिरका महाद्वीप में इसका एक खतरनाक रूप एंडीज हंटावायरल पाया जाता है, जिसमें सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में भी संक्रमण संभव है।

अब तक कितने मामले सामने आए?

रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल लगभग 60 हजार से 1 लाख हंटावायरस संक्रमण के मामले सामने आते हैं। इनमें करीब आधे मामले चीन में दर्ज किए जाते हैं। अमेरिका में 1993 से 2023 के बीच हंटावायरस के 890 मामले दर्ज किए गए। अधिकांश मामले पश्चिमी अमेरिकी राज्यों में पाए गए।

क्रूज शिप पर क्यों मचा हड़कंप?

एमवी होंडियस नामक क्रूज शिप पर हंटावायरस संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं। WHO के अनुसार अब तक कम से कम 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य संदिग्ध मामले भी जांच के दायरे में हैं। इस संक्रमण से तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

शिप पर मौजूद यात्रियों और क्रू को अलग-अलग देशों में मेडिकल निगरानी में रखा जा रहा है। अमेरिका अपने नागरिकों को विशेष मेडिकल फ्लाइट से क्वारंटीन सुविधा में ले जाने की तैयारी कर रहा है।

कितना घातक है यह वायरस?

CDC के मुताबिक हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) विकसित होने पर मौत का खतरा करीब 38% तक हो सकता है। फिलहाल इसका कोई वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर केवल ICU आधारित सपोर्टिव ट्रीटमेंट के जरिए मरीज की जान बचाने की कोशिश करते हैं।

क्या यह कोविड जैसी महामारी बन सकता है?

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल ऐसा खतरा कम है। WHO के अनुसार एंडीज स्ट्रेन में इंसान से इंसान में संक्रमण संभव तो है, लेकिन यह कोविड-19 या फ्लू की तरह तेजी से नहीं फैलता। संक्रमण आमतौर पर लंबे और करीबी संपर्क में आने पर होता है। हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, जंगलों की कटाई और इंसानों का बढ़ता संपर्क भविष्य में ऐसे संक्रमणों का जोखिम बढ़ा सकता है।

कितने दिन में दिखते हैं लक्षण?

WHO के अनुसार हंटावायरस के लक्षण संक्रमण के 1 से 6 हफ्तों के भीतर सामने आ सकते हैं। कुछ मामलों में 8 हफ्ते तक भी समय लग सकता है। बुखार, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और बाद में सांस लेने में दिक्कत इसके प्रमुख लक्षण हैं।

स्वास्थ्य एजेंसियों की क्या सलाह?

WHO और CDC ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। संक्रमित क्षेत्रों में कृन्तकों से बचाव, साफ-सफाई और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है।

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