हंटा वायरस से पहली मौत के बाद क्रूज से उतर गए थे दर्जनों यात्री, डच अधिकारियों ने दी जानकारी
घातक हंटावायरस के प्रकोप से प्रभावित एक क्रूज से पहले यात्री की मौत के बाद दर्जनों यात्री बिना संपर्क ट्रेसिंग ...और पढ़ें

क्रूज पर हंटावायरस से पहली मौत के बाद यात्री उतरे
HighLights
क्रूज पर हंटावायरस से पहली मौत के बाद यात्री उतरे
दर्जनों यात्री बिना संपर्क ट्रेसिंग के जहाज से चले गए
अधिकारी अब उतरे हुए यात्रियों का पता लगा रहे हैं
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जहाज संचालक और डच अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि घातक हंटावायरस के प्रकोप से प्रभावित एक क्रूज से दर्जनों यात्री 24 अप्रैल को बिना संपर्क ट्रेसिंग के जहाज छोड़ गए थे। यह घटना जहाज पर पहले यात्री की मौत के लगभग दो सप्ताह बाद हुई थी।
कंपनी ने पहले कहा था कि 11 अप्रैल को मृत डच व्यक्ति का शव सुदूर दक्षिण अटलांटिक द्वीप सेंट हेलेना पर जहाज से उतारा गया था, जहां उनकी पत्नी भी उतरी थीं। इसके बाद वह दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना हुईं और वहीं उनकी मृत्यु हो गई।
कंपनी ने गुरुवार को कहा कि 29 यात्रियों ने जहाज छोड़ा, जबकि डच विदेश मंत्रालय ने यह संख्या लगभग 40 बताई है। कंपनी ने पहले यह स्वीकार नहीं किया था कि उस समय दर्जनों और लोग जहाज से उतरे थे। ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स ने कहा कि अपने-अपने देशों में लौटने वाले लोग 12 अलग-अलग राष्ट्रीयताओं के थे।
दो ऐसे लोग भी थे, जिनकी राष्ट्रीयता अज्ञात थी। दक्षिण अफ्रीका और यूरोप के अधिकारी जहाज से उतरे सभी यात्रियों के संपर्कों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को यह जानकारी सामने आई कि सेंट हेलेना में जहाज से उतरने और वापस घर जाने के बाद स्विट्जरलैंड में एक व्यक्ति में हंटावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, हालांकि उसके सटीक संपर्क विवरण स्पष्ट नहीं हैं। डच अधिकारियों ने यह पुष्टि नहीं की है कि जहाज से उतरे अन्य यात्री अब कहां हैं।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
