क्राइस्टचर्च, एजेंसीन्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की अल नूर मस्जिद और लिनवुड मस्जिद में हमला करने वाले एक आतंकी की पहचान हो गई है। ब्रेंटन टैरंट नाम के इस हमलावार ने वारदात की फेसबुक पर लाइवस्ट्रीमिंग की थी। उसके साथ ही एक महिला और दो पुरुषों को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस को उसके बारे में अब तक काफी चौंकाने वाली जानकारियां मिल चुकी हैं। ब्रेंटन ने गुरुवार रात को फेसबुक पोस्ट में हमले की धमकी दी थी। उसने उस पोस्ट में यह दावा किया था कि हमले को वह फेसबुक पर लाइव दिखाएगा।

 उसने फेसबुक पोस्ट में लिखा था- मैं आक्रमणकारियों के खिलाफ हमला करूंगा और फेसबुक के जरिए हमले की लाइव स्ट्रीमिंग करूंगा। हमले से पहले अपनी पोस्ट में उसने लिखा था कि अगर मैं हमले में नहीं बचता हूं, तो आप सभी को अलविदा!

 बताया जा रहा है कि अप्रैल 2010 में उसके पिता की कैंसर से मौत हो गई थी। इसके बाद उसने सात साल तक दुनिया में भ्रमण किया। उसके पूर्व दोस्तों को अंदेशा है कि इसी दौरान वह चरमपंथ की ओर बढ़ा होगा।

 28 साल का मुख्य हमलावर ब्रेंटन ऑस्ट्रेलिया का नागरिक है। ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने भी उसकी नागरिकता की पुष्टि कर दी है। उसने अपनी मंशा का ऐलान करते हुए 'द ग्रेट रिप्लेसमेंट' नाम से 73 पेज का एक मैनिफेस्टो भी लिखा है।

 ब्रेंटन ने अपने बारे में बताया है कि वह एक साधारण श्वेत शख्स है, जिसका जन्म ऑस्ट्रेलिया में एक निम्न आय वाले परिवार में हुआ था। 'हमला क्यों किया' इस शीर्षक के तहत उसने लिखा है कि यह 'विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा हजारों लोगों की मौत' का बदला लेने के लिए है।

 दस्तावेज में हमलावर ने दावा किया है कि वह पिछले 2 सालों से हमले की साजिश रच रहा था। उसने यह भी दावा किया है कि 3 महीने पहले ही उसने हमले वाली जगह का चुनाव किया था। वह ऐंटी-इमिग्रेशन और अति-दक्षिणपंथी समूहों का सदस्य है। ब्रेंटन ने कहा कि वह हमले की ट्रेनिंग देने और योजना बनाने के लिए कुछ दिनों के लिए न्यूजीलैंड आया था।

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Posted By: Arun Kumar Singh