सैन फ्रांसिस्को (आइएएनएस)। सोशल मीडिया और सर्च इंजन पर फैलाई जा रही ‘फेक न्यूज’ (फर्जी खबरों) के खिलाफ जंग में सर्च इंजन गूगल, फेसबुक और ट्विटर समेत अन्य वेबसाइट साथ मिलकर काम करेंगे। ये सभी फेक न्यूज के खिलाफ शुरू किए गए अभियान ‘द ट्रस्ट प्रोजेक्ट’ का हिस्सा बनेंगे।

इसके जरिये पाठक खबर के स्रोत के बारे में जान सकेंगे। यह अभियान सेंटा क्लारा यूनिवर्सिटी के मार्ककुला सेंटर फॉर एप्लाइड एथिक्स की निदेशक और पत्रकार सैली लेहमन द्वारा शुरू किया गया है। फेसबुक के इससे जुड़ने के बाद उस पर आने वाली हर खबर या लेख के बगल में एक आइकन दिखेगा। इस आइकन को क्लिक करते ही यूजर को खबर या लेख के स्रोत और लेखक के काम करने का तरीका भी पता चलेगा।

इस ट्रस्ट इंडिकेटर आइकन में यूजर यह भी देख पाएंगे कि वे जो पढ़ रहे हैं वह विज्ञापन है या लेखक की अपनी राय। जल्द ही ‘द इकोेनॉमिस्ट’, ‘वाशिंगटन पोस्ट’ और जर्मन प्रेस एजेंसी समेत कई मीडिया कंपनियां इस ट्रस्ट इंडिकेटर का प्रयोग शुरू कर देंगी। सैली लेहमन ने कहा, ‘इंडिकेटर के प्रयोग से खबर ही नहीं बल्कि लेखक की जवाबदेही भी बढ़ जाएगी।’

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Posted By: Srishti Verma