यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ युद्ध छेड़ने का प्रण
राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस कई सालों से इस्लामिक आतंकवाद का शिकार हो रहा है। अब पूरे राष्ट्र ...और पढ़ें

पेरिस, एएनआइ। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ 'बेरहम लड़ाई' छेड़ने का प्रण लिया है। उन्होंने फ्रांस के समाज को इस्लामिक कट्टरपंथ के प्रति हर वक्त सचेत रहने को कहा है।
पेरिस पुलिस के मुख्यालय में छूरेबाजी में चार पुलिसकर्मियों की हत्या के अगले दिन मंगलवार को राष्ट्रपति मैक्रों ने एक शोकसभा में अपना गहरा क्षोभ जताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं अकेले और सरकार की सभी संबद्ध सेवाएं मिलकर भी कई सिरों वाले इस्लामिक सर्प से निजात नहीं पा सकी हैं।
फ्रांस इस्लामिक आतंकवाद का शिकार
मैक्रों ने प्राचीन यूनानी कथा के दैत्य 'हाइड्रा' का जिक्र करते हुए कई ओर से बढ़ रहे खतरे को बताने की कोशिश की है। पुलिस मुख्यालय के पास स्थित नोत्रेदैम कैथेड्रिल में उन्होंने कहा कि फ्रांस कई सालों से इस्लामिक आतंकवाद का शिकार हो रहा है।
इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों
अब यह पूरे राष्ट्र पर निर्भर है कि वह एकजुट हो और कुछ करने के लिए तैयार रहे। अब हमारे समाज को सतर्क होना पड़ेगा। ताकि हरेक पर नजर रखी जा सके कि आसपास किसी पर इस्लामिक कट्टरपंथ के प्रभाव में आने का खतरा तो नहीं है।
मीडिया रिपोर्टो के अनुसार हमलावर 45 वर्षीय माइकल हारपन के कुछ ही समय पूर्व इस्लाम कुबूल करने और कट्टरपंथी बन जाने की बात सामने आई है। उसने 2015 में हुए शार्ली आबदो अखबार के दफ्तर में हुए आतंकी हमले का समर्थन भी किया था।
