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छात्रों की शिकायतें, जीवन-यापन के खर्च का संकट और राजनीतिक असंतोष... फ्रांस में हिंसक क्यों होते जा रहे हैं विरोध-प्रदर्शन?

Published: Sun, 18 Oct 2026 02:44 PM (IST)

फ्रांस में बढ़ती महंगाई, खराब स्कूल व्यवस्था और जीवन-यापन के बढ़ते खर्च के कारण राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए ...और पढ़ें

फ्रांस में जलते हुए टाउन हॉल की तस्वीर।

फ्रांस में जलते हुए टाउन हॉल की तस्वीर।

HighLights

  1. बढ़ती महंगाई और खराब स्कूल व्यवस्था से फ्रांस में असंतोष।

  2. क्रेतेइल से शुरू हुए प्रदर्शन में छात्र, यूनियन और अभिभावक शामिल।

  3. हिंसक झड़पें, आगजनी और लूटपाट से देशव्यापी आंदोलन उग्र।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फ्रांस में बढ़ती महंगाई, स्कूलों के खराब हालात, शिक्षकों की कमी, कक्षाओं में छात्रों की भीड़ और सड़कों की खराब हालत से लोगों में काफी ज्यादा असंतोष है। लोगों के साथ कई संगठन सड़क पर उतर गए हैं। तोड़फोड़ के साथ कई जगहों पर आगजनी हो रही है।

कुछ छात्रों और संगठनों के द्वारा शुरू हुआ आंदोलन अब धीरे-धीरे राष्ट्रव्यापी बन गया है। बढ़ती महंगाई और जीवन यापन के लिए खर्च का संकट धीरे-धीरे गहराता जा रहा है। इससे राजनीतिक बदलाव की हवा को भी बल मिला है। फ्रांस में अगले साल 2027 में ही राष्ट्रपति का चुनाव है।

कहां से शुरू हुआ आंदोलन

इसी साल सितंबर के मध्य में पेरिस के उपनगर क्रेतेइल (Creteil) से ये आंदोलन शुरू हुआ था। इसके बाद इस प्रदर्शन में ट्रेड यूनियन, अभिभावक और 'येलो वेस्ट' (Yellow Vest) आंदोलन के कार्यकर्ता जुड़ गए। व्यापक होते प्रदर्शन में कुछ जगहों पर हिंसक झड़प, आगजनी और लूटपाट की खबरें मिल रही हैं।

क्यों उग्र होता जा रहा आंदोलन

शिक्षा के गिरते स्तर और स्कूलों के खराब हालत को लेकर वहां की जनता के मन में काफी दिनों से रोष था। बढ़ती गर्मी ने इसे और बल दिया। वहीं ये आंदोलन तब उग्र हो गया जब एक साथ 400 स्कूलों के छात्रों ने मिल कर एक साथ प्रदर्शन कर इसे सुर्खियों में ला दिया। हालात तब और खराब हो गए जब स्कूलों के प्रदर्शन के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की हड़तालें जो यूनियन सिंडिकल लाइसिएन के द्वारा बुलाई गई थी वो एक साथ हुईं। इस दौरान पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया तो प्रदर्शनकारी और भड़क गए। इसके साथ ही पुलिस के बल प्रयोग के दौरान जब एक ग्रेनेट के फटने से 15 साल के एक लड़के का हाथ उड़ गया। तब लोगों का गुस्सा और खुलकर सामने आने लगा। सरकार के अनुमान के मुताबिक ढाई लाख से ज्यादा लोग प्रदर्शन में शामिल हुए हैं।

कहां-कहां उग्र हुआ आंदोलन

फ्रांस में कई जगह प्रदर्शन शांतिपूर्ण हो रहे हैं तो कई जगहों से हिंसा की खबर आ रही है। पेरिस, ल्योन और रेनेस सहित कई शहरों में हिंसा हुई है। लोगों में जीवनयापन का खर्च इसलिए मायने रखता है क्योंकि महंगाई की वजह से उनकी क्रय शक्ति घट गई है। इस वजह से धीरे-धीरे कुछ जगहों से शुरू हुआ आंदोलन अब पूरे देश में फैल गया है।