यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
France Protests: जल रहा फ्रांस... 667 लोग गिरफ्तार, सड़कों पर सुरक्षा बल तैनात; तीन दिनों का पूरा अपडेट
युवक को पुलिस द्वारा गोली मारे जाने के बाद पूरे फ्रांस में हिंसक घटनाएं घटी। 27 जून को घटी इस ...और पढ़ें

पेरिस, जेएनएन। फ्रांस की राजधानी पेरिस में पुलिस ने एक 17 साल के नाबालिग को सिर्फ इसलिए गोली मार दी क्योंकि उसने ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं किया। पुलिस द्वारा गोली मारे जाने के बाद किशोर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ये खबर फ्रांस में आग की तरह फैल गई।
इस घटना के बाद फ्रांस की जनता का गुस्सा फूट पड़ा। फ्रांस के कई जगहों पर उपद्रवियों ने खूब उतपात मचाए और हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया। बता दें कि गोली मारे जाने की घटना 27 जून की शाम की है।

लोगों के मन में पुलिस को लेकर गुस्सा
इस घटना ने फ्रांस के लोगों के मन में पुलिस के खिलाफ नफरत पैदा कर दी है। लोगों के मन में इस बात का गुस्सा है कि आखिर पुलिस इन छोटे घटनाओं पर कार्रवाई करते हुए गोली कैसे चला सकती है। हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने कई सरकारी गाड़ियां फूंक दी। वहीं, पुलिस पर पथराव भी किए गए। कहीं जगहों पर आगजनी भी की गई।
वहीं, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अगुवाई वाली फ्रांस की सरकार की कोशिश है कि इस हिंसक घटनाओं पर जल्द से जल्द काबू पा लिया जाए। फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न ने कहा कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा बुलाई गई आपातकालीन कैबिनेट बैठक का उद्देश्य है कि देश में राष्ट्रीय एकता और कानून व्यवस्था को लागू किया जाए।
आइए जानतें है कि अब तक इस घटना को लेकर फ्रांस में क्या कुछ हुआ है।
इस घटना में अब तक 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं। वहीं, 600 से ज्यादा उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- उत्तर-पश्चिमी पेरिस के उपनगर नैनटेरे में हिसंक घटनाएं घटी।
- समचार एजेंसी एपी के मुताबिक, पेरिस के कई इलाकों में लोगों के समूहों ने सुरक्षा बलों पर पटाखे फेंके।
- देश के गृह मंत्री ने जानकारी दी कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए लगभग 40,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया था और 667 लोगों को हिरासत में लिया गया।
- पेरिस में पांच हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए। वहीं, दंगा निरोधी बल भी कई जगह तैनात किया गया है।
- हिसंक घटनाओं के बावजूद सरकार ने इमरजेंसी की घोषणा नहीं की है।
जान लें पूरा मामला
उत्तर अफ्रीकी मूल का 17 वर्षीय युवक,नाहेल के कार को एक स्टॉप पर पुलिस ने रोका। इसके बाद नेहाल और पुलिसकर्मियों के बीच थोड़ी कहासुनी हुई। इसके बाद जब युवक जब जाने को तैयार हुआ तो वहां तैनात पुलिसकर्मी ने उसे गोली मार दी। इस घटना का फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंसक घटनाएं शुरू हुई। धीरे-धीरे हिंसा पूरे देश में फैल गया।
