काठमांडु, एएनआइ। 24 अप्रैल को एक बार फिर नेपाल तेज भूकंप के झटकों से हिल गया। चार साल पहले भी नेपाल में तेज भूकंप आया था। अप्रैल 2015 में आए विनाशकारी भूंकप से पूरा नेपाल तहस नहस हो गया था। नेपाल में आए विनाशकारी भूंकप से हुए विनाश पर भारत ने भी मदद की थी। भारत ने अगस्त 2017 में नेपाल के साथ मिलकर भूकंप में क्षतिग्रस्त हुए घरों के पुनर्निर्माण के लिए दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर किए थे।

25 अप्रैल 2015 को आए भूकंप के बाद नेपाल में घरों के पुनर्निर्माण का कार्य चलाया गया था। 'भूकंप आवास पुनर्निर्माण परियोजना' के तहत 70 फीसद घर बनाए जा चुके हैं, 20 फीसद घरों पर काम चल रहा है। भारत ने अगस्त 2017 में नेपाल के साथ गोरखा और नुवाकोट में 50000 घरों के निर्माण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। बता दें कि उस दौरन आए तेज भूकंप के झटकों से करीब 9000 लोगों की मौत हुई थी जबकि करीब 22 हजार लोग घायल हुए थे।

गौरतलब है कि चार साल बाद नेपाल एक बार फिर भूकंप के झटकों से हिल गया। नेपाल की नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मुताबिक बुधवार को पहला झटका सुबह 6:14 बजे काठमांडू में आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.8 दर्ज की गई। दूसरा झटका नाउबिस में 6:29 बजे आया, जिसकी तीवर्ता 5.2 दर्ज की गई, जबकि 4.3 की तीव्रता का भूकंप धाडिंग में सुबह 6:40 पर रिकॉर्ड किया गया था। बुधवार को आए भूकंप के झटकों से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

 

Posted By: Dhyanendra Singh

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