कोलंबो, पीटीआइ। श्रीलंका से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है। श्रीलंकाई सेना ने शनिवार को बताया कि सेना द्वारा चलाए जा रहे मादक द्रव्य पुनर्वास केंद्र (drug rehabilitation centre) की गुथी सुलाजई जा रही है, जिसके तहत इस ममाले से जुड़े सेना और वायुसेना के दो-दो कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही सेना ने कहा कि तलाशी के बाद, गिरफ्तार किए गए 650 से अधिक कैदियों को अदालत में पेश करने के बाद रिमांड पर लिया गया।

जाने क्या है यह पूरा मामला-

बता दें कि श्रीलंका ड्रग रिहैबिलेशन सेंटर में चल रहे अभियान का पूरा मामला तब शुरू हुआ, जब बीते बुधवार को एक 34 वर्षीय कैदी की संदिग्ध मौत के बाद वेलियोया के पूर्वोत्तर क्षेत्र के कंदाकाडु में भारी सुरक्षा वाले ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर से 600 से अधिक कैदी फरार हो गए।

वहीं केंद्र को जांच के लिए, सेना द्वारा संचालित लगभग एक हजार लोगों के साथ, नशीली दवाओं के सेवन के लिए दोषी ठहराए जाने पर पुनर्वास (rehabilitation) से गुजरना पड़ा। जांच के दौरान कैदियों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी उनके साथ बुरा व्यवहार कर रहे हैं। यही नहीं कैदियों ने यह भी दावा किया कि अधिकारियों द्वारा हमले के कारण उनके सहयोगी की मौत हुई, जिसके बाद केंद्र ने अपनी जांच कड़ी करते हुए सख्त कार्रवाई की।

इस मामले को लेकर 29 जून को हिंसा भड़की, तो पुलिस ने केंद्र के आसपास दंगा को शांत करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बड़ी जदोजहद के बाद पुलिस ने उग्र भीड़ को शांत किया। वहीं दूसरी ओर केंद्र से भागे लोगों को पकड़ने के लिए एक तलाशी अभियान शुरू किया गया था। सेना ने कहा कि तलाशी के बाद गिरफ्तार किए गए 650 से अधिक कैदियों को अदालत में पेश करने के बाद रिमांड पर लिया गया। बता दें कि अवैध नशीली दवाओं का उपयोग श्रीलंका में एक बड़ा खतरा बन गया है, जिसपर अधिकारियों का कहना है कि लगभग 300,000 लोग - सभी श्रीलंकाई लोगों का लगभग 1.5 प्रतिशत - ड्रग्स की बुरी लत से ग्रस्त हैं।

 

Edited By: Ashisha Rajput