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हवा में सुरक्षा के लिए इजरायल के पास खास इंतजाम, लेकिन flydubai की घटना में कहां हुई चूक?

Published: Thu, 01 Oct 2026 01:33 PM (IST)

यूएई से इजरायल जा रही flydubai की फ्लाइट में हुआ खौफनाक वाकया दो दशकों में इजरायली यात्रियों पर सबसे बड़ा ...और पढ़ें

flydubai की घटना से इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था में कमियां उजागर हुई।

flydubai की घटना से इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था में कमियां उजागर हुई।

HighLights

  1. फ्लाईदुबई घटना ने इजरायली हवाई सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए।

  2. गैर-इजरायली एयरलाइंस की सुरक्षा में खामियां उजागर हुईं।

  3. इजरायल की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था में चूक की संभावना।

डिजिटल डेस्क, तेल अवीव। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से बुधवार को इजरायल के तेल अवीव जा रही flydubai की फ्लाइट में जो खौफनाक वाकया हुआ, उसने दो दशकों से अधिक समय में इजरायली यात्रियों की जान लेने के सबसे बड़े खतरे को सामने ला दिया है।

हालांकि इस घटना की पूरी सच्चाई अभी सामने आनी बाकी है, लेकिन इसने विमानन क्षेत्र की उन सुरक्षा कमियों को बेनकाब कर दिया है, जिसका फायदा उठाने के लिए इजरायल के दुश्मन हमेशा ताक में रहते हैं।

अब इस बात में कोई दोराय नहीं है कि इजरायल हमेशा से अपने हवाई सुरक्षा के लिए खास इंतजाम रखता है। ऐसे में अब सवाल है कि आखिर सुरक्षा में चूक कहां हुई? नेतन्याहू की सुरक्षा एजेंसी आखिर कहां कमजोर पड़ी? आइए इतिहास के पन्नों से समझते हैं।

इजरायल के लिए हवा में खतरा नई बात नहीं...

इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि आसमान में इजरायलियों को निशाना बनाने की यह कोई पहली कोशिश नहीं है। इससे पहले साल 2002 में केन्या के मोम्बासा में एक इजरायली होटल पर कार बम धमाके के ठीक उसी दिन, एक विमान को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, गनीमत रही कि मिसाइल चूक गई।

विमान के अपहरण का भी पुराना इतिहास 

1976 की चर्चित 'एंटेबे रेड' हो या 1972 का सबेना फ्लाइट अपहरण, फलस्तीनी आतंकवादी समूहों द्वारा विमानों को बंधक बनाना पुराना इतिहास रहा है। 1968 में एल अल के एक विमान का अपहरण इसका पहला बड़ा उदाहरण था।

जब आतंकवादियों के हाथ कोई विमान लगता है, तो सैकड़ों नागरिक उनके लिए सबसे बड़ा 'सौदेबाजी का हथियार' बन जाते हैं। यही वजह है कि इजरायल ने अपनी हवाई सुरक्षा को दुनिया में सबसे मजबूत बना रखा है।

इजरायल की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था

एक बात सो साफ है कि इजरायल अपनी नागरिक उड़ानों को सुरक्षित रखने के लिए कई स्तरों पर कड़े उपाय करता है। विमान में बैठने से पहले ही यात्रियों की कड़ी सुरक्षा जांच और व्यवहार का विश्लेषण किया जाता है। इजरायल की सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में गुप्त रूप से हथियारबंद सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं।

मिसाइल डिफेंस और बुलेटप्रूफ कॉकपिट

इसके अलावा एल अल के विमानों में मिसाइल-रोधी प्रणाली लगी होती है। साथ ही, कॉकपिट के दरवाजे बुलेटप्रूफ और दोहरे दरवाजों वाले होते हैं ताकि कोई जबरन अंदर न घुस सके।

इजरायली वायु सेना की खास मुस्तैदी

इतना ही नहीं, यदि कोई विमान अपने रास्ते से भटकता है या कोई आपात स्थिति आती है, तो तुरंत वायु सेना के लड़ाकू विमान आसमान में गश्त के लिए भेज दिए जाते हैं और जरूरत पड़ने पर इजरायली एयरस्पेस बंद कर दिया जाता है।

फिर, flydubai की घटना ने कहां हुई चूक?

अब सोचने वाली बात यह है कि इतनी चाक-चौबंद सुरक्षा के बावजूद, हालिया घटना ने यह दिखा दिया है कि गैर-इजरायली एयरलाइंस के जरिए यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा में अभी भी कुछ खामियां और कमजोरियां मौजूद हैं।

इस बात को समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है कि जब कोई विदेशी एयरलाइन कंपनी इजरायल के लिए उड़ान भरती है, तो वहां इजरायल की प्रत्यक्ष सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह लागू नहीं हो पाती, जिसका फायदा उठाकर ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।