बैंकॉक में 3 दिनों में महीने भर की बारिश, कमर तक भरा पानी; बाढ़ से 5.8 लाख घर प्रभावित
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में पिछले तीन दिनों में महीने भर के बराबर रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई है, जिससे शहर पूरी ...और पढ़ें
HighLights
बैंकॉक में तीन दिन में महीने भर की बारिश
शहर जलमग्न, प्रशासन ने आपदा प्रभावित घोषित किया
बाढ़ से 8 मौतें, लाखों घर प्रभावित, आर्थिक नुकसान
डिजिटल डेस्क, बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में पिछले तीन दिनों में महीने भर के बराबर बारिश हुई है। जिसके चलते बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बैंकॉक पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सड़कों, दुकानों और घरों में कमर तक पानी भर जाने के बाद प्रशासन ने बैंकॉक को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया है।
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दरअसल, बैंकॉक में पिछले हफ्ते महज दो से तीन दिनों के भीतर 320 मिमी (12.6 इंच) रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। यह लगभग उतनी ही बारिश है जितनी यहां पूरे सितंबर महीने में होती है। सितंबर महीने की औसत बारिश के बराबर पानी कुछ ही दिनों में बरसने के कारण पूरे इलाके जलमग्न हो गए हैं।
5,80,000 से अधिक घर प्रभावित
थाईलैंड के 41 प्रांतों में आई इस बाढ़ से अब तक कम से कम 8 लोगों की जान जा चुकी है और 5,80,000 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री उन्सित संपुनथारत के अनुसार, अकेले बैंकॉक में 80,000 से ज्यादा लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं, जबकि लगभग 5,901 लोग 234 निकासी केंद्रों (इवेक्यूएशन सेंटर) में शरण लेने को मजबूर हैं।
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जनजीवन अस्त-व्यस्त
कमर तक भरे पानी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ के कारण शहर की बुनियादी सेवाएं ठप्प पड़ गई हैं। मेट्रो (BTS), कैब और ई-रिक्शा सेवाएं बूरी तरह प्रभावित हैं। बिजली कटौती और पीने के पानी की भारी किल्लत के चलते लोग अपने पेट्स के साथ पलायन कर रहे हैं।
सुपरमार्केट्स और ग्रोसरी स्टोर्स की अलमारियां खाली हो चुकी हैं। भोजन की कमी को देखते हुए राहत कार्यों के तहत मोबाइल किचन और नावें तैनात की गई हैं, ताकि बाढ़ प्रभावितों को रोजाना खाना पहुंचाया जा सके।
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इसके अलावा, हवाई अड्डों पर भी उड़ानों के बाधित होने से सैकड़ों लोग फंसे रहे। भारतीय पर्यटकों को भी गैर-जरूरी यात्रा से बचने की चेतावनी दी गई है।
रंगसिट विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, थाईलैंड में आई इस बाढ़ के कारण कम से कम 11 अरब बाट (327 मिलियन डॉलर) का आर्थिक नुकसान हो सकता है। इससे देश की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 2.1% रहने की आशंका जताई जा रही है।
