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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kuwait Fire: कुवैत अग्निकांड में हुई मौतों का जिम्मेदार कौन? अमीर शेख मेशाल बोले, 'कोई नहीं बख्शा जाएगा'

Published: Wed, 12 Jun 2024 10:40 PM (IST)Updated: Thu, 13 Jun 2024 08:18 AM (IST)

कुवैत के मंगफ शहर में एक बहुमंजिला इमारत में बुधवार सुबह आग लगने से 41 भारतीयों की मौत हो गई। ...और पढ़ें

कुवैत भीषण अग्निकांड में 41 भारतीयों ने गंवाई जान
कुवैत भीषण अग्निकांड में 41 भारतीयों ने गंवाई जान

HighLights

  1. भारत सरकार ने विदेश राज्यमंत्री कीर्ति व‌र्द्धन सिंह को कुवैत भेजा
  2. पीएम मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर ने घटना पर शोक जताया
  3. कुवैत के अमीर ने दिया घटना की जांच का आदेश

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कुवैत के मंगफ शहर में एक बहुमंजिला इमारत में बुधवार सुबह आग लगने से 41 भारतीयों की मौत हो गई। वैसे, इस भीषण अग्निकांड में कुल मिलाकर 49 विदेशी कामगार मारे गए हैं। घायल 50 लोगों में भी अधिकांश भारतीय ही हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने विदेश राज्यमंत्री कीर्ति व‌र्द्धन सिंह को तत्काल कुवैत के लिए रवाना किया है, जो वहां स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर घायलों को राहत दिलाने और मृतकों के शवों को स्वदेश लाने में मदद करेंगे।

एस जयशंकर ने इस घटना पर गहरा शोक जताया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस घटना पर गहरा शोक जताया है। भरपूर तेल भंडार वाले इस देश में तकरीबन 10 लाख भारतीय रहते हैं जो वहां की आबादी का 21 प्रतिशत है। इनमें से नौ लाख भारतीय बतौर श्रमिक अपना योगदान देते हैं।

पूर्व में कई बार कुवैत व दूसरे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय श्रमिकों की खराब स्थिति का मामला सामने आता रहा है।

अमीर शेख मेशाल बोले कोई नहीं बख्शा जाएगा

कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह ने अधिकारियों को अग्निकांड की जांच का आदेश दिया और कहा कि जिन लोगों के चलते यह त्रासदी हुई है, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।

कुवैत की मीडिया और वहां स्थित भारतीय दूतावास की तरफ से जो सूचनाएं सामने आई हैं, उसके मुताबिक दक्षिण कुवैत के मंगफ इलाके में स्थित एक छह मंजिला इमारत में स्थानीय सुबह छह बजे आग लगने की घटना हुई है। आग संभवत: किसी रसोई से पूरी बिल्डिंग में फैली है।

एक स्थानीय कंपनी की तरफ से यह भवन लिया गया था, जिसमें दो सौ के करीब श्रमिकों को ठहराया गया था, जबकि इसकी क्षमता बहुत ही कम थी। अधिकांश मौतें धुएं में दम घुटने से हुई हैं।

भारतीय दूतावास ने कहा है कि भारतीय कामगारों के साथ हुई दुखद घटना के संबंध में एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर +965-65505246 जारी किया गया है। सभी संबंधित लोगों से अपडेट के लिए इस हेल्पलाइन से जुड़ने का अनुरोध किया गया है।

कुवैत के आंतरिक मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ ने इस घटना के लिए भवन के मालिक को जिम्मेदार ठहराया है और उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। साथ ही जिस कंपनी के श्रमिकों को एक साथ इसमें रखा गया था, उनके मालिक को भी गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया है।

शेख फहद ने कहा है कि यह घटनाक्रम बि¨ल्डग के मालिक की लालच की वजह से हुआ है। कंपनी ने अपने फायदे के लिए बड़ी संख्या में एक ही भवन में बहुत ज्यादा श्रमिकों को भर दिया था। हम यह तय करेंगे कि इस तरह का घटनाक्रम आगे फिर ना हो। यह भी सूचना सामने आई है कि इस तरह के कई भवन मंगफ इलाके में हैं, जहां सैकड़ों मजदूरों को बहुत ही खराब हालात में रहने के लिए मजबूर किया जाता है।

पीएम मोदी ने जताया दुख

पीएम मोदी ने इस घटनाक्रम पर कहा है कि कुवैत के शहर में आग लगने की घटना बहुत ही दुख देने वाला है। मृतकों के परिजनों व मित्रों के प्रति मैं संवेदना प्रकट करता हूं। घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मैं कामना करता हूं। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत देने का काम कर रहा है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि कुवैत के शहर में आग लगने के घटनाक्रम से स्तब्ध हूं। हमारे राजदूत घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। आगे और सूचना आने की उम्मीद है। प्रभावित लोगों को हर तरह की मदद देने को हम तैयार हैं।

इसके कुछ ही देर बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी के निर्देश पर विदेश राज्यमंत्री को तत्काल कुवैत के लिए रवाना किया जा रहा है, ताकि वह आग लगने से प्रभावित लोगों और स्थानीय प्रशासन के बीच सामंजस्य बनाने में मदद करें।