स्टाकहोम/ हेलसिंकी, रायटर। नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) में शामिल होने के लिए स्वीडन सरकार अगले सप्ताह आवेदन कर सकती है। जबकि फिनलैंड की सरकार ने साफ कर दिया है कि वह बहुत जल्द नाटो में शामिल होने के लिए आवेदन करेगी। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट में सामने आई है।

फिनलैंड के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने गुरुवार को कहा कि उनके देश को यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से उत्पन्न खतरे के कारण बिना देरी नाटो सैन्य गठबंधन में शामिल होने के लिए आवेदन करना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार स्वीडन की संसद देश की सुरक्षा की स्थिति पर सोमवार (16 मई) को चर्चा करेगी। इसके बाद प्रधानमंत्री मैग्डालेना एंडरसन कैबिनेट की बैठक में नाटो में शामिल होने के लिए आवेदन करने का फैसला ले सकती हैं। ।

यूरोप और विश्व में अस्थिरता बढ़ेगी

उधर, प्रतिक्रिया में रूस ने कहा है कि फिनलैंड की नाटो में शामिल होने की कोशिश निश्चित रूप से रूस के लिए खतरनाक है। नाटो के विस्तार से यूरोप और विश्व में अस्थिरता बढ़ेगी।

क्रेमलिन ने कहा कि यह जवाब देगा, लेकिन यह बताने से इन्‍कार कर दिया कि यह कैसे होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि नाटो सैन्य संपत्ति को 1,300 किमी (800-मील) फिनलैंड- रूसी सीमा की ओर कैसे ले जाता है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उत्पन्न होने वाले खतरों को रोकने के लिए एक सैन्य-तकनीकी और अन्य प्रकृति के जवाबी कदम उठाने की आवश्यकता होगी। हेलसिंकी को इस तरह के कदम की जिम्मेदारी और परिणामों के बारे में पता होना चाहिए।

नाटो के पूर्व की ओर विस्तार से खुद को बचाने के साधन के रूप में रूस ने आंशिक रूप से यूक्रेन पर आक्रमण को सही ठहराने की कोशिश की है। हालांकि, फिनलैंड के राष्ट्रपति साउली नीनिस्टो ने गुरुवार को कहा कि हेलसिंकी के फैसले के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जिम्मेदार हैं। आप इसका कारण बने। आप आईने को देखो।

यूक्रेन पर हमले ने फिनलैंड को नाटो में शामिल होने को किया मजबूर

2014 में रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद से फिनलैंड उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के साथ सहयोग के लिए धीरे- धीरे तैयार हुआ है। लेकिन 24 फरवरी के बाद रूस से आक्रमण से यूक्रेन में हजारों लोग मारे गए, शहर धराशायी हो गए और लाखों लोगों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर कर दिया। इसने फिनलैंड को नाटो में शामिल होने के लिए मजबूर किया। इससे पहले इस नॉर्डिक देश ने अपने पूर्वी पड़ोसी रूस के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए नाटो में शामिल होने से परहेज किया था।

नाटो में शामिल होने के लिए तेजी से उठाए जाएंगे कदम

फिनलैंड के राष्ट्रपति साउली नीनिस्टो और प्रधानमंत्री सना मारिन ने एक संयुक्त बयान में कहा कि फिनलैंड को बिना किसी देरी के नाटो सदस्यता के लिए आवेदन करना चाहिए। हमें उम्मीद है कि यह फैसला लेने के लिए अभी भी आवश्यक राष्ट्रीय कदम अगले कुछ दिनों में तेजी से उठाए जाएंगे। फिनलैंड की संसद सोमवार को इस घोषणा पर बहस करेगी। अधिकांश सांसदों ने सदस्यता के लिए अपने समर्थन का संकेत पहले ही दे दिया है।

फिनलैंड का नाटो में होगा गर्मजोशी से स्वागत
नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि नाटो संगठन में शामिल होने की प्रक्रिया "सुचारू और तेज" होगी और फिनलैंड का संगठन में गर्मजोशी से स्वागत किया जाएगा। 

रूस ने कहा, कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा

विदित हो कि फिनलैंड और स्वीडन के बीच प्रगाढ़ सैन्य संबंध हैं। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि फिनलैंड को नाटो में शामिल होने के फैसले पर बाद में पछताना पड़ेगा। उसे इसके लिए कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। पेस्कोव ने कहा, फिनलैंड का नाटो में शामिल होने के लिए आवेदन करने का फैसला उसके रूस के साथ गैर मित्रतापूर्ण कदम को दर्शाता है। फिनलैंड के नाटो में शामिल होने से सैन्य गठबंधन के हथियार हमारी सीमा के करीब आ जाएंगे, जाहिर है इससे रूस के लिए खतरा बढ़ेगा। यह पूछे जाने पर कि रूस की प्रतिक्रिया किस रूप में होगी, उन्होंने जवाब दिया कि सब कुछ इस पर निर्भर करेगा कि नाटो विस्तार की यह (नाटो) विस्तार प्रक्रिया कैसे चलती है, किस हद तक सैन्य बुनियादी ढांचा हमारी सीमाओं के करीब जाता है। उल्लेखनीय है कि फिनलैंड रूस का पड़ोसी देश है और पूर्व में दोनों देश के बीच युद्ध भी हो चुका है।

नाटो में शामिल होने के लिए जनता का समर्थन बढ़ा

नाटो में शामिल होने के लिए जनता का समर्थन रिकार्ड संख्या में बढ़ गया है। हाल के महीनों में फिनलैंड में किए गए नवीनतम सर्वेक्षण में 76% नाटो में शामिल होने के पक्ष में रहा। केवल 12% विपक्ष में दिखा। यूक्रेन में युद्ध से पहले के वर्षों के लिए केवल 25% ही नाटो में शामिल होने के पक्षधर रहेह। जबकि संघर्षों से बाहर रहने के तरीके के रूप में सैन्य गुटनिरपेक्षता ने काफी संख्‍या में फिनलैंड के लोगों को लंबे समय से संतुष्ट किया है। वहीं स्वीडन के सत्तारूढ़ सोशल डेमोक्रेट्स से रविवार को फैसला करने की उम्मीद है कि क्या नाटो की सदस्यता के दशकों के विरोध को खत्म करता है। यह एक ऐसा कदम जो लगभग निश्चित रूप से स्वीडन को भी 30 देशों के गठबंधन में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा।

Edited By: Arun Kumar Singh