खारतूम, एपी। सूडान की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्‍टाचार के मामले में देश के पूर्व राष्‍ट्रपति उमर अल-बशीर (Omar al-Bashir) को दोषी मानते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, उमर अल-बशीर कई आपराधिक मामले चल रहे हैं जिनमें से पहले में यह सजा सुनाई गई है। बशीर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में भी युद्ध अपराध एवं नरसंहारों के आरोपों में वांछित हैं। ये अपराध साल 2000 में हुए डारफूर संघर्ष से जुड़े हैं।

बता दें कि इस साल अप्रैल में सूडान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शन के बीच राष्ट्रपति उमर अल-बशीर को सेना ने पद से हटाकर हिरासत में ले लिया था। रक्षा मंत्री अवद इब्ने औफ ने बशीर की जगह अंतरिम सैन्य परिषद के दो साल के लिए शासन करने की बात कही थी। इसके बाद सूडान में तीन महीने के लिए आपातकाल घोषित कर दिया गया था। समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, अदालत का यह फैसला उमर अल-बशीर के खिलाफ एक साल पहले शुरू हुए विद्रोह के बाद आया है।

उल्‍लेखनीय है कि बशीर के शासनकाल में सूडान अमेरिका ने सूडान को आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में डाल दिया था जिससे उसकी अर्थव्‍यवस्‍था बुरी तरह चरमरा गई है। फैसला पढ़े जाने से पहले बशीर के समर्थकों ने अदालत की कार्यवाही बाधित की। हालांकि सुरक्षाबलों ने उन्‍हें कोर्ट रूम से बाहर खदेड़ दिया। 75 वर्षीय पूर्व राष्‍ट्रपति अप्रैल से ही हिरासत में हैं।

इस साल की शुरुआत में पूर्व राष्‍ट्रपति उमर अल-बशीर (Omar al-Bashir) को मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी बनाया गया था। तख्‍तापलट के बाद उनके घर से लाखों डॉलर, पाउंड और यूरो की रकम जब्‍त की गई थी। इन सबके बीच सूडानी सेना ने कहा है कि वह संगीन मामलों में आरोपी पूर्व राष्‍ट्रपति को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (International Criminal Court) के समक्ष प्रत्‍यर्पित नहीं करेगी। भ्रष्‍टाचार के जिस मामले में बशीर को सजा हुई है वह नरसंहार और हत्‍याओं के मामलों से अलग है।

यह भी पढ़ें- सूडान को रास नहीं आई आजादी, जन्‍म से ही गृहयुद्ध के भंवर जाल में यह देश

Posted By: Krishna Bihari Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस