यूरोप के 6 देशों में आंदोलन की आग, स्कूलों की बदहाली और आवास संकट को लेकर सड़कों पर उतरे लाखों लोग
यूरोप के छह देशों में शिक्षा, रोजगार और आवास संकट को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

यूरोप के 6 देशों में आंदोलन की आग। (रॉयटर्स)
HighLights
फ्रांस में स्कूलों की बदहाली पर हिंसक प्रदर्शन।
स्पेन में आवास संकट पर हजारों लोग सड़कों पर।
ग्रीस, इटली, अल्बानिया, बेल्जियम में छात्र आंदोलन।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूरोप के 6 देश आंदोलनों की आग में सुलग रहे हैं। पढ़ाई, रोजगार और महंगे घरों को लेकर लोगों गुस्सा है, ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि अच्छी शिक्षा और नौकरी के बावजूद अच्छी जिंदगी की गारंटी क्यों नहीं?
महंगाई ने कमाई का बड़ा हिस्सा निगल रही है। सरकारी सेवाओं में कटौती ने लोगों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
फ्रांस: फ्रांस में स्कूलों की बदहाली के खिलाफ जारी आंदोलन हिंसक हो गया। शनिवार और रविवार को 140 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन हुए। आठ लाख लोग सड़कों पर उतर आए। शांतिपूर्ण मार्च के बीच हिंसक समूहों ने दुकानों में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की।
स्पेन: स्पेन में आवास संकट पर 50 शहरों में प्रदर्शन जारी। मैड्रिड में बारिश के बीच रविवार को 70 हजार लोग सड़कों पर उतरे। यहां के सोल चौक पर 3 हफ्ते से प्रदर्शनकारी टेंट लगाकर डटे हैं। विरोध के बीच सरकार 29 नवंबर को समय से पूर्व चुनाव पहले ही घोषित कर चुकी है। यहां मकानों की कीमतें और किराए आमदनी से तेजी से बढ़ रहे हैं। लोग बेदखली रोकने, किराया नियंत्रित करने और सस्ते सरकारी आवास की मांग कर रहे हैं।
ग्रीस: ग्रीस में हॉस्टल की भारी कमी के खिलाफ छात्र संसद के सामने दर्जनों टेंट लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वित्त मंत्रालय के बाहर भी रैली हुई है। छात्रों का दावा है कि ग्रीस में 96% छात्रों को हॉस्टल नहीं मिल रहे । कमरों का किराया 10 साल में तीन गुना बढ़ गया है।
इटली: फ्रांस से प्रेरित होकर इटली के छात्रों ने रोम, ट्यूरिन समेत कई शहरों में स्कूलों को कब्जे में ले लिया है। बीते दिनों हुए आंदोलन में 4 लाख लोग सड़कों पर उतरे थे। पुलिस से झड़पें पथराव भी हुईं हैं। छात्रों ने 30 अक्टूबर को देशव्यापी हड़ताल का एलान किया है।
अल्बानिया: अल्बानिया में भी महंगी शिक्षा व बेरोजगारी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। तिराना में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। 167 लोग गिरफ्तार हुए। यहां छात्र पीएम एदी रामा के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। लोगों में पढ़ाई के बढ़ते खर्च और रोजगार की कमी से नाराजगी है।
बेल्जियम: बेल्जियम शिक्षा बजट में कटौती के खिलाफ छात्रों और शिक्षकों ने मार्च निकाला। राजधानी ब्रसल्स में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की। उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की। पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ीं। 150 गिरफ्तारियां हुई। 17 नवंबर को देशव्यापी प्रदर्शन होगा।
बहरहाल यही कहा जा सकता है कि जिस तहर अब छात्रों के साथ युवा, कर्मचारी, टीचर और आम लोग भी इन आंदोलनों में जुड़ रहे है। यहीं हालात रहे तो आने वाले दिनों में ये आंदोलन और भी बढ़ते दिखाई देंगे।
