वारसा,एएनआइ। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर यूरोपीय देश पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र में पोलैंड ने जो समर्थन दिखाया था इसका आभार व्यक्त करना है। बुधवार को जयशंकर ने पोलैंड के प्रधानमंत्री से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार और अर्थव्यवस्था को लेकर बातचीत की।

 

इससे पहले वर्ष 2009 में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और 2017 में उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी की आधिकारिक यात्रा पर गए थे। 

कश्मीर मुद्दे पर पोलैंड ने किया था समर्थन 
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दा उठाया था। इसपर पोलैंड ने भारत के फैसला के  समर्थन किया था। इतना ही नहीं  संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद में भी पोलैंड ने कश्मीर पर भारत का समर्थन किया था। 

भारत को पोलैंड से क्या उम्मीद 
पोलैंड आर्थिक तौर पर भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। बता दें कि स्थिर आर्थिक विकास दर के कारण पोलैंड को यूरोप का टाइगर कहा जाता है। दरअसल, 4 प्रतिशत से अधिक की रफ्तार से पोलैंड की आर्थव्यव्साथ बढ़ रही है। इतना ही नहीं यूरोप का सबसे बड़ा कोयला भंडार भी पौलैंड में ही है। कोयला खपत के हिसाब से भी पोलैंड सबसे बड़ा देश है। भारत में भी कई सालों से कोयले की खदानों में जिन उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है वह पोलैंड के ही हैं। पोलैंड की कई बड़ी कंपनियों ने भारत की कोयला खदानों में निवेश करने की इच्छाजाहिर की है। 

Posted By: Ayushi Tyagi

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