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'अमेरिकी युद्ध पोतों को होमुर्ज में लाने का सपना ट्रंप के साथ ही कब्र में जाएगा', ईरान की US को चेतावनी

Published: Sat, 24 Oct 2026 04:05 PM (IST)

ईरान ने अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह किसी भी परिस्थिति में अमेरिकी युद्धपोतों को फारस की खाड़ी ...और पढ़ें

अमेरिकी युद्धपोत की तस्वीर (फाइल)।

अमेरिकी युद्धपोत की तस्वीर (फाइल)।

HighLights

  1. ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को फारस की खाड़ी में प्रवेश से रोका।

  2. ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के बाद ईरान का कड़ा रुख।

  3. ईरान ने कहा अमेरिकी युद्धपोतों का सपना कब्र में जाएगा।

डिजिटल डेस्क, तेहरान। अमेरिकी और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच ईरान ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वो किसी भी हाल में अमेरिका के युद्धपोतों को फारस की खाड़ी में नहीं आने देगा।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान पर नई सैन्य कार्रवाई की चेतावनी जारी की, जिसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है।

बातचीत फेल होने पर चलेगा सैन्य अभियान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर बातचीत सफल नहीं रहती है तो ईरान को अपनी बात मानने पर मजबूर करने के लिए एक और सैन्य अभियान चलाया जा सकता है।

इस पर ईरान के सशस्त्र बलों के प्रमुख अली अब्दुल्लाही ने कहा कि हम किसी भी हालात में और किसी भी समय अमेरिकी युद्धपोतों को फारस की खाड़ी में एंट्री नहीं देंगे। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने उनके हवाले से यह बात कही है।

ट्रंप को दी चेतावनी

अब्दुल्लाही ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति को चेतावनी देते हुए कहा कि शायद ट्रंप फारस की खाड़ी में अमेरिकी सेना के आने का सपना देख रहे हैं। लेकिन ये सपना उनके साथ ही कब्र में जाएगा।

26 फरवरी से जारी है जंग

बता दें कि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए ईरान-अमेरिका के युद्ध के बाद से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनातनी जारी है। कभी अमेरिकी इसको लेकर अपना दावा करता है कि अब जहाजों के वहां से गुजरने के लिए किसी देश के इजाजत नहीं लेनी होगी। वहीं कभी ईरान इस जल क्षेत्र को लेकर कहता है कि यहां से गुजरने के लिए उनकी इजाजत जरूरी है।

बारूदी सुरंग की चपेट में आ चुके हैं कुछ जहाज

तेहरान ने इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है और ओमान के तट के पास दक्षिणी रास्ते से गुजरने की कोशिश करने वाले कई जहाजों को निशाना भी बनाया है। ईरान ने इस क्षेत्र में बारूदी सुरंग की बात भी स्वीकार की है। जिसकी चपेट में आने से हाल ही एक जहाज डूब गया था।

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