ढाका, आइएएनएस। बांग्लादेश के चटगांव जिले में एक कंटेनर डिपो में भीषण आग लगने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है। आग लगने के 38 घंटे बाद भी इसे काबू में नहीं किया जा सका है। सोमवार को भी आग लगी रही। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 10 अग्निशमन इकाइयां, एक सैन्य बचाव और रासायनिक विशेषज्ञ टीम के साथ काम कर रही हैं, जिसमें 200 सदस्य शामिल हैं। विनाशकारी आग सीताकुंड में नीदरलैंड-बांग्लादेश की संयुक्त उद्यम कंपनी निजी बीएम कंटेनर डिपो लिमिटेड में शनिवार रात लगभग 10.30 बजे लगी।

मरने वालों में 9 अग्निशमन कर्मी

अधिकारियों ने कहा कि आग लगने के 40 मिनट के भीतर एक बड़ा विस्फोट हुआ और विस्फोटक रसायनों के होने से आग एक कंटेनर से दूसरे कंटेनर में फैल गई। मरने वाले 49 लोगों में से नौ अग्निशमन कर्मी थे। अब तक 23 लोगों की पहचान हो चुकी है। 10 पुलिसकर्मियों और 15 दमकलकर्मियों सहित 160 से अधिक लोग घायल हो गए।

नौ सदस्यीय निकाय का गठन

सीताकुंड सर्किल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशरफुल करीम ने सोमवार को बताया कि चटगांव जिला प्रशासन ने आग लगने के कारण की जांच के लिए नौ सदस्यीय निकाय का गठन किया है। अब तक इस घटना के संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि डिपो के आसपास के तालाबों में आग बुझाने के लिए पानी नहीं बचा है. हालांकि, अब कंटेनरों को हटा दिया जाएगा और दमकल कर्मियों के लिए सभी स्थानों पर पानी की आपूर्ति के लिए एक रास्ता बनाया जाएगा।

पांच सदस्यीय निकाय का गठन

बंदरगाह शहर में एक विस्फोटक निरीक्षक टोफज्जल हुसैन का दावा है कि बीएम कंटेनर डिपो के पास रासायनिक एजेंटों को स्टोर करने के लिए उचित प्राधिकरण नहीं था। यह  दावा सीधे डिपो अधिकारियों के पहले के दावे के विपरीत है कि उनके पास ऐसी सामग्री के भंडारण के लिए कागजी कार्रवाई थी। इस बीच, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक ब्रिगेडियर एमडी मेन उद्दीन ने पुष्टि की कि अग्निशमन सेवा और नागरिक सुरक्षा ने जांच के लिए पांच सदस्यीय निकाय का गठन किया है।

Edited By: Achyut Kumar

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट