कोंग्सबर्ग, एपी। नार्वे के कस्बे में तीर-धनुष हमले के संदिग्ध के खिलाफ हिरासत सुनवाई शुरू हो गई है। इस हमले में पांच लोग मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए। संदिग्ध शुक्रवार को कोर्ट में पेश नहीं हुआ। उसने हत्या करने की बात स्वीकार की है और हिरासत में रहने की सहमति दे दी है।

37 वर्षीय डेनिश नागरिक एस्पेन एंडर्सन ब्राथेन को बुधवार रात लोगों पर खतरनाक तरीके से हमला करने के 30 मिनट बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने इसे आतंकी हमला करार दिया है। पुलिस ने संदिग्ध को मुस्लिम मतांतरित करार दिया और कहा, 'पहले इस व्यक्ति के कट्टरपंथी होने को लेकर चिंता थी।' गौरतलब है कि एंडर्सन ब्राथेन जिस कस्बे में रहता है वहां के सुपर मार्केट एवं अन्य जगहों पर उसने धनुष- तीर और अन्य हथियारों से अंधाधुंध तरीके से लोगों को निशाना बनाया। चार महिलाएं और एक व्यक्ति मारे गए जबकि तीन अन्य घायल हो गए।

पुलिस प्रमुख ओले बी सावेरुड ने संवाददाताओं को बताया था कि पहले भी इस संदिग्‍ध के कट्टरपंथी होने को लेकर चिंता जताई गई थी। राजधानी ओस्लो के करीब स्थित 26 हजार की आबादी वाले कोंसबर्ग के पुलिस प्रमुख ने बताया था कि हमलावर से पुलिस की झड़प भी हुई। पुलिस ने बताया था कि घायलों में से एक पुलिस कर्मी है, जो ड्यूटी समाप्त होने के बाद दुकान में खरीदारी कर रहा था।

कार्यवाहक प्रधानमंत्री एरना सोलबर्ग ने वारदात को विभत्स करार देते हुए कहा था कि इसके उद्देश्यों का अनुमान लगाना फिलहाल जल्दबाजी होगी। भावी प्रधानमंत्री जोनास जी. स्टोएरे ने घटना को क्रूर व नृशंस करार दिया है। सामान्यतौर पर नार्वे में सामूहिक हत्याएं नहीं होती हैं। 22 जुलाई, 2011 को आंद्रेस ब्रेविक ने ओस्लो में देश के सबसे भयानक आतंकी हमले को अंजाम दिया था। बम से हुए हमले में आठ लोग मारे गए थे। उसे 21 साल की सजा हुई है।

Edited By: Nitin Arora