बर्लिन, रॉयटर्स। जर्मनी के कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में दूसरे देशों से यात्रा करके लौट रहे लोगों के लिए शनिवार से COVID-19 टेस्ट करवाना अनिवार्य हो जाएगा। सरकार ने देश में बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण को देखते हुए यह एलान किया है। स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पैन (Jens Spahn) ने गुरुवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस का तेज गति से हो रहा प्रसार चिंता का विषय है। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। स्पैन ने बताया कि मई के बाद अब पहली बार प्रतिदिन संक्रमण के 1,000 मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

स्पैन ने कोरोना मामलों में हो रही बढ़ोतरी के लिए, विभिन्न देशों से यात्रा करके लौट रहे लोगों और सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी करने वालों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, दूसरी तरफ उनका मानना है कि देश में कोरोना टेस्टिंग में हुई बढ़ोतरी के कारण भी ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं यह बात समझता हूं कि लोग अब तंग आ चुके हैं, लेकिन उन्हें इस बात को मानना पड़ेगा कि यह महामारी हमेशा से गंभीर मुद्दा थी।"

बता दें कि दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के डेढ़ करोड़ से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक, अब तक दुनियाभर में 1.86 करोड़ लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है, जबकि 7,03,000 लोगों की मृत्यु इस वायरस के कारण हो चुकी है। कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की लिस्ट में अमेरिका पहले स्थान पर है जहां संक्रमितों का आंकड़ा 48 लाख के भी पार पहुंच गया है। वहीं, डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु इस वायरस के कारण हो चुकी है। अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर ब्राजील है जहां 28 लाख से अधिक लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है जबकि 95 हजार से ज्यादा की मौत इस वायरस के कारण हो गई है। इसके बाद भारत तीसरे स्थान पर है जहां की अब तक 18 लाख से ज्यादा आबादी इसकी चपेट में आ चुकी है और 40 हजार से अधिक लोग इस वायरस के कारण मर चुके हैं। इसके अलावा चौथे स्थान पर रूस और पांचवे पर दक्षिण अफ्रीका है।

Posted By: Neel Rajput

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