विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बांग्लादेश तिहरे हत्याकांड में सलाहकार की संलिप्तता उजागर, तीन लोगों की दिनदहाड़े कर दी गई थी हत्या

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Tue, 05 Aug 2025 11:45 PM (IST)

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार समर्थित हिंसा का एक और सुबूत सामने आया है। एक महिला ने दावा किया है कि ...और पढ़ें

बांग्लादेश तिहरे हत्याकांड में सलाहकार की संलिप्तता उजागर (सांकेतिक तस्वीर)
बांग्लादेश तिहरे हत्याकांड में सलाहकार की संलिप्तता उजागर (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. बांग्लादेश में अंतरिम सरकार समर्थित हिंसा का एक और सुबूत सामने आया
  2. इस वारदात में रूमा अख्तर चाकू लगने से घायल हो गई थीं

 आईएएनएस, ढाका। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार समर्थित हिंसा का एक और सुबूत सामने आया है। एक महिला ने दावा किया है कि हाल में हुई उसकी मां और भाई-बहन की हत्या में अंतरिम सरकार के स्थानीय सलाहकार आसिफ महमूद शोजिब भुइयां के पिता का हाथ है।

घटना तीन जुलाई की है

घटना तीन जुलाई की है। कुमिला जिले में हुई इस वारदात में रूमा अख्तर चाकू लगने से घायल हो गई थीं। वहीं, उनकी बहन तस्पिया जोनाकी, भाई मोहम्मद रसेल, और उनकी मां रुक्साना अख्तर रूबी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी।

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार समर्थित हिंसा का एक और सुबूत सामने आया

सोमवार को ढाका में रूमा ने आसिफ महमूद के पिता बिलाल मास्टर की गिरफ्तारी की मांग उठाई और आरोप लगाया कि इस तिहरे हत्याकांड में वो शामिल थे। उन्होंने बंगरा बाजार पुलिस स्टेशन में 33 नामजद और 25 अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार के अनुसार, रूमा हत्या वाले दिन कई बार 999 डायल करके पुलिस से मदद मांगी। लेकिन, पुलिस की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि उनके परिवार और उनके कुछ पड़ोसियों के बीच एक इमारत के निर्माण को लेकर विवाद शुरू हुआ था।

रूमा ने पड़ोसी के धमकी देने के आरोप लगाए थे

स्थानीय यूनियन परिषद के अध्यक्ष शिमुल बिल्लाह ने काम का ठेका मांगा था, लेकिन उनके परिवार ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। रूमा ने आरोप लगाया कि शिमुल ने जान से मारने की धमकी दी। उनके परिवार के सदस्यों की हत्या में शामिल शिमुल को बिलाल हुसैन का समर्थन प्राप्त था, इसलिए उसे अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।