काठमांडू, एएनआइ। नेपाल के हुमला जिले में कब्जा की गई जमीन पर चीन ने अब निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। नेपाल के विपक्षी नेता ने इस पर विरोध जताया है। करनाली प्रांत से आने वाले विपक्षी नेता जीवन बहादुर शाही ने कहा है कि हुमला के लोग चीन की बढ़ती दखलंदाजी से परेशान हैं। चीन ने खाद्य पदार्थो से लदे ट्रकों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी है जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

शाही इसी हुमला जिले के रहने वाले हैं और मौके से लौटकर उन्होंने यह बयान दिया है। हुमला और कुछ सीमावर्ती जिलों में चीन के अवैध कब्जे की प्रशासन पुष्टि कर चुका है लेकिन चीन परस्त नीतियों के चलते सरकार कुछ बोल नहीं रही।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार ने शाही के इन आरोपों को गलत बताया है। जबकि शाही ने कहा है कि सरकार पता नहीं किस दबाव के चलते वास्तविकता से आंखें मूंद रही है। मौके पर जाकर सरकारी अधिकारियों का देखा हुआ भी सरकार नहीं मान रही है। काठमांडू में बैठे सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि सीमावर्ती इलाके में कुछ भी गलत नहीं हुआ है। पता चला है कि नेपाल की जमीन पर अपने दावे को मजबूत करने के लिए चीन के लोगों ने वहां पर सीमा दर्शाने वाले पिलर गलत ढंग से गाड़ दिए हैं। नेपाल सरकार अब इन्हीं पिलर को सही बताकर अपना चेहरा बचा रही है।

इससे पहले चीनी सुरक्षा बलों द्वारा एक नेपाली दल पर आंसू गैस छोड़े जाने का मामला सामने आया था। यह घटना नेपाल स्थित हुमला जिले के नमखा सीमा पर हुई। नेपाली दल वहां से होकर गुजर रहा था। इस दौरान कुछ लोगों को हल्की चोटें भी आई। यह घटना उस समय प्रकाश में आई है, जब नेपाल के विदेश मंत्रालय हुमला में चीन द्वारा किसी भी तरह के अतिक्रमण करने की बात से इन्कार कर चुका है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि हाल ही में सीमा पर जो बिल्डिंग गिरी है, वह नेपाल की सीमा में नहीं है। हुमला के स्थानीय लोगों द्वारा किए गए दावे में सत्यता नहीं है।

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