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समुद्र में चीन की 'युद्ध' की तैयारी? मछली पकड़ने वाली नावों के असामान्य पैटर्न से दुनिया हैरान

Published: Sat, 14 Mar 2026 01:56 AM (IST)

पूर्वी चीन सागर में चीनी मछली पकड़ने वाली नावों द्वारा बनाए गए असामान्य ज्यामितीय पैटर्न ने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों को ...और पढ़ें

समुद्र में चीन की 'युद्ध' की तैयारी

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्वी चीन सागर से आई सैटेलाइट तस्वीरों और समुद्री डेटा ने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों के बीच हलचल पैदा कर दी है। हाल ही में हुए एक जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि हजारों मछली पकड़ने वाली नावें चीनी समुद्र में बेहद सटीक और जटिल ज्यामितीय आकार बना रही हैं, जो आम तौर पर मछली पकड़ने की गतिविधियों से बिलकुल अलग लगता है। 

दिसंबर के अंत से जनवरी की शुरुआत के बीच, चीनी बेड़े ने तीन अलग-अलग मौकों पर अपनी संगठित शक्ति का प्रदर्शन किया है। समुद्री डेटा फर्म 'ingeniSPACE' के मुख्य परिचालन अधिकारी जेसन वांग ने AFP को बताया कि ये पैटर्न बेहद असामान्य लग रहे थे।

चीन ने कब-कब किया शक्ति का प्रदर्शन

25 दिसंबर को लगभग 2,000 चीनी जहाजों ने ताइवान के उत्तर-पूर्व में 'L' आकार की दो विशाल समानांतर कतारें बनाई। ये कतारें करीब 300 किलोमीटर तक फैली थी।

इसके बाद जनवरी की शुरुआत लगभग 1,000 चीनी जहाजों ने लगभग 400 किलोमीटर कर फैली एक विशाल आयताकार (Rectangle) आकृति बनाई। विशेष बात यह थी कि इसमें वही जहाज शामिल थे जो दिसंबर की घटना में देखे गए थे।

वहीं कुछ सप्ताह बाद 1,200 चीनी जहाजों ने फिर से समानांतर रेखाएं बनाई और करीब 30 घंटों तक अपनी स्थिति पर डटे रहे।

विशेषज्ञों ने कहा 'मछली पकड़ना' उद्देश्य नहीं

समुद्री सुरक्षा विश्लेषकों का तर्क है कि ये गतिविधियां किसी भी तरह से व्यावसायिक नहीं लग रही थी। खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच हजारों जहाजों का एक-दूसरे से मात्र 500 मीटर की दूरी पर सटीक रेखा में रहना बिना किसी केंद्रीय कमान के संभव नहीं है। आमतौर पर मछुआरे अधिक शिकार करने के लिए फैल जाते हैं, न कि एक-दूसरे के करीब आकर कतारें बनाते हैं।

तैयारी का संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि यह चीन द्वारा अपने नागरिक बेड़े को रणनीतिक उद्देश्यों, जैसे कि नाकाबंदी या संकट के समय सैन्य सहयोग के लिए उपयोग करने का एक परीक्षण हो सकता है। पूर्व नौसैनिक अधिकारियों का कहना है कि पहले खराब मौसम में ये नावें बंदरगाह लौट जाती थीं, लेकिन अब इनका समुद्र में डटे रहना एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।