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ताइवान पर हमले करने पर हताहत हो सकते हैं चीन के एक लाख सैनिक, आखिर में करना होगा समझौता

Published: Wed, 07 Jan 2026 07:00 AM (IST)

अमेरिकी थिंक टैंक द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार अगर चीन ने ताइवान पर आक्रमण करने का प्रयास किया तो ...और पढ़ें

ताइवान पर हमले करने पर हताहत हो सकते हैं चीन के एक लाख सैनिक (फोटो- रॉयटर)

ताइवान पर हमले करने पर हताहत हो सकते हैं चीन के एक लाख सैनिक (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. ताइवान के साथ युद्ध होने से चीन पर संभावित परिणामों का अमेरिकी थिंक ने किया आकलन

  2. कहा- चीन ने हमले किए गए तो कई महीनों तक चल सकती है लड़ाई , आखिरकार चीन को करना पड़ेगा समझौता

एएनआई, ताइपे। चीन अक्सर ताइवान पर वर्चस्व साबित करने का प्रयास करता रहता है, लेकिन ताइवान पर हमला करना चीन के लिए फजीहत का कारण बन सकता है।

अमेरिकी थिंक टैंक द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार अगर चीन ने ताइवान पर आक्रमण करने का प्रयास किया तो चीन के लगभग एक लाख सैनिक हताहत हो सकते हैं और अंतत: उसे पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, हालांकि चीन ताइवान किनमेन और माट्सु द्वीपों परनियंत्रण कर सकता है।''

अगर चीन ताइवान पर हमला करता है'' शीर्षक वाले रिपोर्ट में ताइवान के साथ ''बड़े युद्ध'' से लेकर ''छोटे संघर्ष'' तक के परि²श्यों के तहत चीन के लिए संभावित सैन्य, रणनीतिक और अंतरराष्ट्रीय परिणामों का आकलन किया गया है।

रिपोर्ट के एक लेखक जैक कूपर ने कहा कि युद्ध होने पर चीनी की सेना ताइवान की सैन्य और जापान तथा गुआम में स्थित अमेरिकी बलों पर हमले करेगी। चीनी सैनिक ताइवान के तटों तक पहुंच सकते हैं, लेकिन उसे ताइवान और अमेरिका की कार्रवाई से काफी नुकसान हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़ाई कई महीनों तक चल सकती है, जिससे चीन के लगभग एक लाख सैनिक हताहत हो सकते हैं। बीजिंग को आखिरकार इस शर्त पर समझौता करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा कि वह ताइवान से वापस लौट जाएगा।

इस युद्ध में ताइवान के लगभग 50 हजार सैनिक और 50 हजार नागरिक हताहत हो सकते हैं। अमेरिका के पांच हजार सैन्यकर्मी और एक हजार नागरिक हताहत हो सकते हैं, वहीं जापान के लगभग एक हजार सैनिकों और 500 नागरिकों की मौत हो सकती है।

रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि चीन के ताइवान के मुख्य द्वीप से हटने के बावजूद चीन की सेना किनमेन और माट्सु द्वीपों पर नियंत्रण बनाए रखेगी। यह रिपोर्ट ऐसे समय में जारी किया गया है जब कुछ ही समय पहले चीन ने ताइवान के चारों ओर सैन्य अभ्यास किए थे।