द न्यूयॉर्क टाइम्स, लंदन। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) में शामिल होने के लिए चार साल पहले ब्रिटेन से भागी 19 साल की शमीमा बेगम ने सीरिया के शरणार्थी शिविर में बच्चे को जन्म दिया है। एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उसने स्वदेश वापसी की इच्छा दोहराई है। इससे पहले भी वह ब्रिटेन में अपने घर लौटने की बात कर चुकी है। शमीमा ने यह भी कहा है कि ब्रिटेन की सरकार को उससे संवेदना होनी चाहिए।

शमीमा 2015 में दो अन्य लड़कियों के साथ आइएस में शामिल होने के लिए ब्रिटेन से भागकर सीरिया पहुंची थी। सीरिया के रक्का शहर में पहुंचने के दस दिन बाद ही उसने आइएस के डच आतंकी यागो रिडिजक से शादी कर ली थी। इससे पहले भी उसके दो बच्चे हुए थे, जिनकी मौत हो चुकी है। इंटरव्यू में अपना बचाव करते हुए उसने कहा कि वह पिछले चार सालों से केवल घर संभाल रही थी। वह किसी आतंकी कार्य का हिस्सा नहीं रही और ना ही उसने किसी को सीरिया आने के लिए उकसाया। कुछ दिन पहले ही वह सीरिया में आतंकियों के कब्जे वाले आखिरी गांव से भागकर शरणार्थी शिविर पहुंची।

शमीमा की वापसी को लेकर ब्रिटेन में बहस छिड़ी हुई है। ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री बेन वालेस का कहना है कि उसे वापस बुलाना खतरनाक हो सकता है। गृह मंत्री साजिद जाविद का कहना है कि वह आतंकियों के समर्थकों की वापसी रोकने में नहीं हिचकेंगे। दूसरी तरफ शमीमा के परिवार के वकील का कहना है कि बच्चे के कारण सरकार पर उसकी वापसी कराने का दबाव बढ़ गया है। उसके परिजनों का कहना है अगर शमीमा को जेल होती है तो वह उसके बच्चे को पालेंगे।

Posted By: Mangal Yadav

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