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अमेरिकी प्रयास से बेलारूस ने रिहा किए 25 कैदी, पुतिन के बेहद करीबी हैं बेलारूसी राष्ट्रपति लुकाशेंको

Published: Thu, 17 Sep 2026 07:22 AM (IST)

बंदियों की यह रिहाई अमेरिकी दूत कोएल की बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको से एक वर्ष से चल रही वार्ता ...और पढ़ें

अमेरिकी प्रयास से बेलारूस ने रिहा किए 25 कैदी (फोटो- सोशल मीडिया)

अमेरिकी प्रयास से बेलारूस ने रिहा किए 25 कैदी (फोटो- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. बेलारूस रूस का अति सहयोगी देश, पुतिन के बेहद करीब हैं राष्ट्रपति

  2. रिहा किए लोगों में ज्यादातर बेलारूस के राजनीतिक बंदी हैं

रॉयटर, विलनियस। कुछ अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट के बदले बेलारूस ने बुधवार को 25 बंदियों को रिहा कर दिया। यह जानकारी अमेरिकी दूत जान कोएल ने दी है। उन्होंने बताया कि एक महीने में कई सौ बंदी रिहा हो सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि बेलारूस रूस का अति सहयोगी देश है। यूक्रेन युद्ध के दौरान और उससे पहले अमेरिका और यूरोपीय देशों ने उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए थे।

बंदियों की यह रिहाई अमेरिकी दूत कोएल की बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको से एक वर्ष से चल रही वार्ता के सिलसिले का नतीजा है। इससे पहले भी बेलारूस ने कई बंदियों को रिहा किया था। रिहा किए लोगों में ज्यादातर बेलारूस के राजनीतिक बंदी हैं।

कोएल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दूत के रूप में बेलारूस में कैद सैकड़ों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और अधिवक्ताओं की रिहाई के लिए राष्ट्रपति लुकाशेंको से वार्ता कर रहे हैं।

लुकाशेंको 1994 से बेलारूस की सत्ता पर काबिज हैं और उन्हें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विश्वस्त सहयोगी माना जाता है।

दोनों की घनिष्ठता इतनी प्रगाढ़ है कि 2022 में रूसी सेना ने यूक्रेन पर जमीनी हमले की शुरुआत बेलारूस की धरती से की थी। लुकाशेंको पर अमेरिका और यूरोप समर्थित विरोधियों के उत्पीड़न और उन्हें जेल में डालने के आरोप लगते रहे हैं।