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बांग्लादेश में एक और हिंदू मंदिर को बनाया निशाना, देवी काली की मूर्ति और कई कीमती आभूषण चोरी

Published: Mon, 21 Sep 2026 10:53 PM (IST)

बांग्लादेश के फरीदपुर स्थित उत्तर कालीबाड़ी मंदिर से मां काली की प्रतिमा और कीमती आभूषण चोरी हो गए, जिससे स्थानीय हिंदू समुदाय में भारी रोष है।

फरीदपुर के उत्तर कालीबाड़ी मंदिर में मां काली प्रतिमा चोरी (सांकेतिक तस्वीर)

फरीदपुर के उत्तर कालीबाड़ी मंदिर में मां काली प्रतिमा चोरी (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. फरीदपुर के उत्तर कालीबाड़ी मंदिर में मां काली प्रतिमा चोरी

  2. कीमती सोने-चांदी के आभूषण भी चुराए गए, समुदाय में रोष

  3. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों की चिंताजनक कड़ी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पड़ोसी देश बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा एक बार फिर गहरा गया है। फरीदपुर शहर के प्रसिद्ध उत्तर कालीबाड़ी मंदिर में एक बार फिर आस्था को आहत करने वाली दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां चोरों ने मंदिर से मां काली की पावन प्रतिमा सहित कई अमूल्य धार्मिक कलाकृतियां और सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए। इस हृदयविदारक घटना से स्थानीय हिंदू समुदाय में भारी रोष है।

मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, यह दुस्साहसिक चोरी शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे से रविवार सुबह पौने छह बजे के बीच हुई। मंदिर के पुजारी देबी प्रसाद चक्रवर्ती ने बताया कि अज्ञात चोर सफेद संगमरमर की शिव प्रतिमा पर विराजमान लगभग 20 किलोग्राम वजनी मां काली की मुख्य प्रतिमा समेत लगभग सात से आठ तोले सोने के आभूषण, भगवान विष्णु, राधा-कृष्ण और मां मनसा की पीतल की छोटी मूर्तियां और शिवलिंग पर लिपटा लगभग आठ से दस तोले का चांदी का नाग भी चुरा ले गए। सबसे दुखद पहलू यह है कि इस गंभीर घटना के समय मंदिर के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे।

फरीदपुर के उत्तर कालीबाड़ी मंदिर में मां काली प्रतिमा चोरी

स्थानीय पुलिस अधिकारी महमुदुल हसन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि दोषियों की पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें गंभीरता से काम कर रही हैं। हालांकि, अभी तक चोरी गए सामान का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर लगातार बढ़ रहे हमलों की चिंताजनक श्रृंखला का एक और काला अध्याय है। अगस्त 2024 के बाद से देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों को लगातार भेदभाव, उत्पीड़न, संपत्तियों पर कब्जे और नौकरी से बेदखल किए जाने जैसी दर्दनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। रंगपुर में सेवानिवृत्त शिक्षक गणपति चक्रवर्ती और उनके परिवार की निर्मम हत्या जैसी घटनाओं ने पीड़ितों के जख्मों को और हरा कर दिया है।

आठ लोगों के विरूद्ध मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप स्वीकार

बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने जुलाई 2024 के प्रदर्शनों से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में प्रमुख शिक्षाविद् मुहम्मद जफर इकबाल, ढाका यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी एएसएम मकसूद कमाल और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एएचएम शम्सुद्दीन चौधरी मानिक सहित आठ लोगों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप स्वीकार कर लिए हैं।

न्यायमूर्ति मोहम्मद गोलाम मोर्तुजा मजूमदार की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत आरोपों का संज्ञान लिया। न्यायाधिकरण ने जफर इकबाल, मकसूद कमाल, सद्दाम हुसैन, शेख वली आसिफ और मजहरुल कबीर शयान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वहीं, मानिक, एकेएम जमाल उद्दीन और तनबीर हसन सैकत पहले से हिरासत में हैं, जिन्हें 22 अक्टूबर को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया है।

(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)