सिडनी, एपी। इन दिनों ऑस्ट्रेलिया में वैक्सीनेशन के बाद भी लोगों में भय बना हुआ है कि वह एस्ट्राजेनेका वैक्सीन ले या नहीं! दरअसल, यहां पर पिछले दिनों दो महिलाओं ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन ली, जिसके बाद इनकी मौत 'ब्लड क्लॉट' के दुर्लभ मामले में हुई। उसके बाद भी यहां पर आज एक एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने आस्ट्रेलियाई लोगों को एस्ट्राजेनेका की दूसरी खुराक लेने का आग्रह किया है। यह आग्रह देश में कोरोना मामले बढ़ने के बाद भी किया जा रहा है।

एस्ट्राजेनेका की पहली डोज के बाद  अन्य वैक्सीन का लगवाने की सलाह पर भी आया जवाब

इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी पॉल केली (Paul Kelly) ने सोमवार को राज्य के नेताओं को बताया कि स्वास्थ्य अधिकारी लोगों को एस्ट्राजेनेका का पहला टीका और दूसरा टीका अन्य वैक्सीन का लगवाने की सलाह नहीं देता है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर इस प्रकार की प्रक्रिया को लेकर अभी भी परीक्षण किया जा रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वह एस्ट्राजनेका का दूसरा डोज कैंसल ना करे, जो कि पहले डोज लेने के तीसरे महीने में बुक किया जाता है। उन्होंने कहा कि दूसरा डोज लेने के बाद ब्लड क्लॉट का सिर्फ 1.5 मिलियन है।

एस्ट्राजेनेका लेने वाले लोगों की आयु सीमा 50 से बढ़ाकर 60 हुई

ऑस्ट्रेलिया में कोरोना से 910 लोगों की जान चली गई है, लेकिन मृत्यु दर धीमी होने के चलते लोगों की चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने पिछले हफ्ते एस्ट्राजेनेका लेने वाले लोगों की आयु सीमा 50 से बढ़ाकर 60 कर दी थी। दरअसल, जब एक 52 वर्षीय महिला की ब्लड क्लॉट से मौत हो गई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया था। बता दें कि फाइजर वैक्सीन वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में एस्ट्राजेनेका का एकमात्र विकल्प है, हालांकि मॉडर्न के जल्द ही रजिस्ट्रेशन होने की उम्मीद है।

Edited By: Pooja Singh