नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। ऑस्ट्रेलिया के जंगलों की आग से दुनिया भर के लोग चिंतित है। लाखों दु्र्लभ जीवों के साथ करोड़ों रूपये की संपत्ति जलकर राख हो चुकी है। इसके अलावा 25 लोगों की अब तक इस आग की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। 2000 घर नष्ट हो चुके हैं और 15 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र जल चुका है। अब ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने इस इलाके को फिर से वन्यजीवों की रक्षा करने और इस वन क्षेत्र को सहेजने के लिए 50 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई (34.5 मिलियन डॉलर) डॉलर खर्च करने की घोषणा की है। इस रकम से इस जंगली एरिया को फिर से उसी रूप में विकसित किया जाएगा। ऑस्ट्रेलियन प्राधिकरण के ट्रेजरार जोश फ्राइडेनबर्ग ने इस बारे में जानकारी दी।

नौसेना और विमान से आग पर काबू पाने की कि गई कोशिश

सितंबर 2019 में ही ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में हल्की फुल्की आग लगने की घटनाएं हो रही थीं मगर उसके बाद आग ने जो विकराल रूप धारण किया है उस पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है। सरकार हर तरह से इस आग को रोकने की कोशिश कर रही है मगर अब तक कामयाबी नहीं मिली है। आग से इस जंगल में पाए जाने वाले सैकड़ों दुर्लभ किस्म के जीव जंतुओं का अस्तित्व ही खत्म हो गया है। आग ने इस जंगल के एक अरब से अधिक जानवरों को मार डाला है। 

विश्व की सबसे बड़ी फायर सर्विस कर रही बचाव के काम

ऑस्ट्रेलिया के आग से बचाव के लिए विश्व की सबसे बड़ी फायर सर्विस काम कर रही है। इस सर्विस से 74 हजार लोग जुड़े हुए हैं वो सभी आग बुझाने के लिए काम कर रहे हैं। यहां आग से कई-कई फुट लंबी लपटें देखने को मिली हैं। स्पूतनिक वेबसाइट पर इस संबंध में खबर कैरी की गई है। 

मरने वाले जानवरों की मौत का आंकड़ा नहीं 

यह ज्ञात नहीं है कि विक्टोरिया, क्वींसलैंड, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया और तस्मानिया में कितने जानवरों की मौत हो गई है। हालांकि, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-ऑस्ट्रेलिया अब अनुमान लगाता है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक अरब से अधिक जानवरों को मार दिया गया है। प्रोफेसर डिकमैन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में लगी आग से स्तनधारियों के विलुप्त होने की दर बढ़ गई है। जो दुर्लभ पक्षी नार्मल तरीके से मरते वो असमय आग से मृत हो चुके हैं। 

कुछ दिन पहले बरसात से आग ने दिलाई राहत

कहा जा रहा था कि ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में विकराल आग से केवल बारिश राहत दिला सकती है। लेकिन देश के मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ महीने में बारिश और ठंडे मौसम की संभावना नहीं है। ऐसे में आग से फिलहाल राहत के आसार नहीं है। 2019 में ऑस्ट्रेलिया के सबसे गर्म साल के रिकॉर्ड के बाद, ब्यूरो ऑफ मेटेरोलॉजी ने कहा था कि अगले कुछ महीनों में तापमान औसत से अधिक रहने की संभावना है।

ब्यूरो ने कहा कि देश के उत्तरी हिस्से में हल्की बारिश हो रही है, लेकिन यह दक्षिण-पूर्व में भड़की आग को बुझाने के लिए पर्याप्त नहीं है। ऑस्ट्रेलिया पिछले कई महीनों से इस भीषण आग से जूझ रहा है और तीन साल के सूखे ने और गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का एक कारण बता रहे हैं।  

Posted By: Vinay Tiwari

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