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'ईरान पर हमला अब तक के सबसे आसान फैसलों में से एक था', UN में बोले नेतन्याहू; कई डिप्लोमैट्स का वॉकआउट

Published: Fri, 25 Sep 2026 02:10 AM (IST)

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को दुनिया के नेताओं से कहा कि ईरान पर हमला करना उनके अब तक के सबसे आसान फैसलों में से एक था।

'ईरान पर हमला अब तक के सबसे आसान फैसलों में से एक था', नेतन्याहू

'ईरान पर हमला अब तक के सबसे आसान फैसलों में से एक था', नेतन्याहू

HighLights

  1. जरायल के प्रधानमंत्री जब बोलने के लिए महासभा के मंच पर आए तो कई लोगों ने हूटिंग की

  2. फलस्तीन ने कहा अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी इजरायली बस्तियां अवैध हैं

एपी, संयुक्त राष्ट्र। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को दुनिया के नेताओं से कहा कि ईरान पर हमला करना उनके अब तक के सबसे आसान फैसलों में से एक था। उन्होंने उन देशों के प्रतिनिधियों की आलोचना की जो संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके मंच पर आते ही हाल से बाहर चले गए। नेतन्याहू ने उन्हें "नैतिक रूप से कायर" करार दिया।

इजरायल के प्रधानमंत्री जब बोलने के लिए महासभा के मंच पर आए, तो कई लोगों ने खुशी जताई तो कइयों ने हूटिंग की। बहुत सारे प्रतिनिधि बाहर चले गए और बाद में अधिकतर सीटें खाली पड़ी रहीं।

महासभा के अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने बार-बार कहा, "कृपया हाल में शांति बनाए रखें।" संबोधन शुरू करते हुए नेतन्याहू ने कहा, "अगर कोई और भी नैतिक रूप से कायर है जो अभी तक हाल से बाहर नहीं गया है, तो कृपया अभी बाहर चला जाए।"

उन्होंने कहा, "अपनी रक्षा करते हुए इजरायल उन कई देशों की भी रक्षा कर रहा है जिनके प्रतिनिधि अभी इस हाल से बाहर चले गए हैं। असल में मैं चाहता हूं कि आप यह जान लें कि उनके कई नेता ईरान के परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए निजी तौर पर हमारा शुक्रिया भी अदा करते हैं।"

संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीनी मिशन ने 193 सदस्य देशों में से कई को संदेश भेजा था कि वे महासभा के हाल में अधिक से अधिक कर्मचारियों को लाएं और जैसे ही इजरायली प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा हो, सब मिलकर हाल से बाहर चले जाएं।

संदेश में कहा गया था, "इससे नेतन्याहू और उनकी सरकार को स्पष्ट संदेश जाएगा कि कोई भी उनके नरसंहार, युद्ध अपराधों और अवैध कब्जे में मदद, बढ़ावा या साथ देने को तैयार नहीं है। शांति पसंद करने वाले सभी देश और लोग मांग करते हैं कि यह सब खत्म होना चाहिए।"

इजरायल उन आरोपों को खारिज करता है कि उसने नरसंहार व युद्ध अपराध किए हैं और फलस्तीनी इलाके पर अवैध कब्जा कर रखा है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी इजरायली बस्तियां अवैध हैं, लेकिन इजरायल सरकार का कहना है कि वे कानूनी हैं।