बमाको (माली), एपी। अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि उत्तरी माली में हिंसा से भागकर आए लोगों को शरण देने वाले गाओ के बाहर एक शिविर पर संदिग्ध इस्लामिक चरमपंथियों के हमले में 11 लोग मारे गए हैं। गाओ के पूर्व मेयर सदौ डायलो ने कहा कि हमलावरों ने शिविर के खाद्य भंडार को भी नष्ट कर दिया और सभी पशुओं को चुरा लिया। संयुक्त राष्ट्र ने एक बयान में हमले की पुष्टि की। हालांकि गाओ क्षेत्र के अधिकारियों ने अभी तक इसकी सूचना नहीं दी है।

हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकियो का हाथ

संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी समन्वयक एलेन नौदेहो ने कहा, 'असुरक्षा से भाग रहे ये (आंतरिक रूप से विस्थापित लोग) इस हमले की हिंसा से दोगुने प्रभावित हुए हैं, जिससे उनकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है।' इस हमले की तत्काल किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन इसके पीछे ग्रेटर सहारा समूह में इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकियों का हाथ माना जा रहा है, जो गाओ और मेनका क्षेत्र में नागरिकों को निशाना बनाते हैं।

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फ्रांसीसी सेना के चले जाने के बाद हुआ हमला

पश्चिम अफ्रीकी देश में उग्रवादियों से लड़ने में मदद करने के नौ साल बाद इस साल की शुरुआत में फ्रांसीसी सेना के चले जाने के बाद माली में चरमपंथी हिंसा के बारे में बढ़ती आशंकाओं के बीच गाओ के पास हमला हुआ है। दो साल पहले माली में सत्ता पर कब्जा करने वाले कर्नल असिमी गोइता के साथ बिगड़ते संबंधों के बीच फ्रांस की विदाई हुई है।

गोइता माली के एक बार के अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से तेजी से अलग-थलग पड़ गया है। यूके ने हाल ही में घोषणा की कि वह माली से अपने 300 शांति सैनिकों को वापस ले लेगा, यह कहते हुए कि रूसी भाड़े के सैनिकों पर देश की बढ़ती निर्भरता स्थिरता को कम कर रही है।

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Edited By: Achyut Kumar

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