काबुल, एएनआइ। अफगानिस्तान की सत्ता पर जबरन कब्जा जमाने वाले तालिबान की क्रूरता की खबर सामने आई है। महिलाओं के एक समूह ने गुरुवार को काबुल में लड़कियों के लिए स्कूल खोलने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन यह विरोध हिंसक हो गया। तालिबान ने प्रदर्शनकारियों की पिटाई की, जिसमें महिलाएं और पत्रकार भी शामिल थे। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। दर्जनों महिलाओं और पत्रकारों ने काबुल में लोगों की आर्थिक समस्याओं और लड़कियों के लिए बंद स्कूलों को लेकर तालिबान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

तालिबान ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया

खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा मंत्रालय के सामने महिलाओं का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया और तालिबान ने पत्रकारों और महिलाओं को पीटना शुरू कर दिया। हालांकि विरोध शांतिपूर्ण था और तालिबान ने प्रदर्शनकारियों को शिक्षा मंत्रालय से वित्त मंत्रालय तक चलने की अनुमति दी, बाद में हिंसक हो गया। चश्मदीदों के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे तालिबान ने एक विदेशी और दो स्थानीय पत्रकारों को तितर-बितर कर दिया। खामा प्रेस ने बताया कि महिलाओं ने तालिबान से शिक्षा का राजनीतिकरण नहीं करने और काम और शिक्षा के अपने अधिकारों की मांग की। उन्होंने कहा, चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन उन्हें बलिदान देना होगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को काम और शिक्षा के मौलिक अधिकार मिले।

महिलाओं की आजादी का घोर विरोधी है तालिबान

तालिबान महिलाओं की आजादी का घोर विरोधी है। 20 साल पहले भी जब उसने अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा जमाया था तब सबसे ज्यादा महिलाओं को ही उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा था। अब एक बार फिर महिलाओं को सताया जा रहा है। महिलाओं से जुड़े हर तरह के खेल पर तालिबान ने रोक लगा दी है। महिलाओं के काम करने पर भी तालिबान ने पाबंदी लगा दी है।

Edited By: Arun Kumar Singh