सिडनी, आइएएनएस। विश्व का सबसे ठंडा महाद्वीप अंटार्कटिका भी बढ़ते वैश्विक तापमान से अछूता नहीं रह गया है। वैज्ञानिकों ने 2019-20 की गर्मियों में अंटार्कटिका में पहली बार रिकॉर्ड गर्मी दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया अंटार्कटिका कार्यक्रम के शोधकर्ताओं ने मंगलवार को बताया कि महाद्वीप के केसी स्टेशन पर 9.2 डिग्री सेल्सियस का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया।

यूनिवर्सिटी ऑफ वूलोनगोंग के बायोलॉजिस्ट शेरोन राबिंसन के अनुसार, लगातार तीन दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान के आधार पर रिकॉर्ड गर्मी को वर्गीकृत किया गया है। शोधकर्ताओं ने 23 जनवरी से 26 जनवरी तक स्टेशन में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया जबकि अधिकतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया।

केसी स्टेशन के 31 वर्षो के इतिहास में यह तापमान अधिकतम औसत तापमान से 6.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वैज्ञानिक इस बात से चिंतित हैं कि अंटार्कटिका के पर्यावरण पर अत्यधिक गर्मी का सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का असर हो सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक गर्मी के चलते अगर यहां की बर्फ पिघलती है तो ना केवल मरुस्थलीय क्षेत्रों में अतिरिक्त पानी पहुंचेगा बल्कि काई, लाइकेन, माइक्रोब और अकशेरुकी जीवों में वृद्धि होगी।

हालांकि अत्यधिक पानी से आने वाली बाढ़ पौधों को विस्थापित करने के साथ ही अकशेरुकी और माइक्रोबियल मैट के समुदायों की संरचना को बदल सकती है। ऐसा माना जाता है कि अंटार्कटिका में असामान्य तापमान मौसम संबंधी पैटर्न से जुड़ा था, जो 2019 के वसंत और गर्मियों के मौसम में दक्षिणी गोलार्ध में बने थे।

Posted By: Nitin Arora

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