हांगकांग, रायटर। हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों का प्रदर्शन समाप्त होता नहीं दिख रहा है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारियों ने यहां के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का घेराव किया। इस कारण से ज्यादातर उड़ानों को रद करना पड़ा। इस बीच, हांगकांग की प्रमुख कैरी लेम ने प्रदर्शनकारियों को चेताया है कि हालात ऐसे रास्ते पर बढ़ रहे हैं, जहां से लौटने रास्ते बंद हो जाएंगे।

चीन की समर्थक मानी जाने वाली कैरी लेम ने मंगलवार की सुबह भावुक अंदाज में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में हिंसा हांगकांग को ऐसे रास्ते पर ले जा सकती है, जहां से वापसी का विकल्प नहीं होगा। लेम ने कहा, 'बीते हफ्ते हांगकांग के हालात देखकर मुझे चिंता हो रही है, क्योंकि हम ऐसे ही रास्ते की ओर बढ़ रहे हैं।'

प्रदर्शनकारी लैम का इस्तीफा मांग रहे हैं, लेकिन उन्होंने इससे स्पष्ट इन्कार किया है। उन्होंने कहा, 'एक मिनट हमारे शहर, हमारे घर की ओर देखिए। क्या हम इसे पाताल में जाने दें और इसे टुकड़ों में बंटता हुए देखते रहें। मेरी जिम्मेदारी इससे आगे है। बतौर मुख्य कार्यकारी, मैं हांगकांग की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण, अपने लोगों की शिकायतें सुनने और हांगकांग को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हूं।' हांगकांग का शेयर बाजार में दो फीसद से ज्यादा टूट गया है। यह सात महीने के निचले स्तर पर है।

हवाईअड्डे पर प्रदर्शन जारी
लेम की बातों का प्रदर्शनकारियों पर कोई प्रभाव नहीं दिखा। दोपहर बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने फिर यहां के हवाईअड्डे को घेर लिया, जिससे लगातार दूसरे दिन सैकड़ों उड़ानें प्रभावित रहीं। एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, 'मैं पिछले दिन की ही तरह हवाईअड्डे को बंद करना चाहता हूं। ज्यादा उड़ानें रद रहेंगीं।' एक प्रदर्शनकारी ने बैनर पर लिखा था, 'असुविधा के लिए खेद है। हम अपने घर के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।' प्रदर्शनकारियों के जुटने के बाद हवाईअड्डे के प्रशासन ने दोपहर बाद से सारी उड़ानें रद कर दीं।

यात्री भी समर्थन में
समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, प्रदर्शन के कारण उड़ानें भले प्रभावित हो रही हैं, लेकिन व्यवधान में फंसे बहुत से यात्री प्रदर्शनकारियों के समर्थन में हैं। जर्मनी के लिए फ्लाइट का इंतजार कर रहे 53 वर्षीय फ्रैंक फिल्सर ने कहा, 'मैं तो कभी भी जर्मनी जा सकता हूं, लेकिन उन लोगों का क्या जो यहीं रहते हैं? यह उनका घर है। वे हांगकांग के लिए लड़ रहे हैं। यह उनका नजरिया है।' कई अन्य यात्रियों का भी इन प्रदर्शनों को लेकर ऐसा ही नजरिया है। कुछ यात्री उड़ानें रद होने के कारण क्रोधित भी देखे गए।

भारत ने जारी की एडवाइजरी
हांगकांग में उड़ानें रद होने के कारण यहां स्थित भारतीय दूतावास ने अपने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में यात्रियों को बताया गया है कि प्रदर्शन के कारण उड़ानें रद होने या देर होने का सिलसिला आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है। ऐसे में यात्रा से पहले विमानन कंपनियों से संपर्क करें। असुविधा से बचने के लिए अन्य मार्गो पर विकल्पों की जानकारी लेने का सुझाव भी दिया गया है।

चीन ने दी आतंकवाद की संज्ञा
चीन ने इन प्रदर्शनों को आतंकवाद का अंकुर कहा है। हांगकांग के कानूनी जानकारों का कहना है कि चीन यहां आतंकरोधी कानून को लागू करने की भूमिका तैयार कर रहा है। सरकारी मीडिया में इस तरह का वीडियो भी सामने आया है जिसमें चीनी सैनिक दक्षिणी शहर शेनझेन में जुटते दिख रहे हैं। यह हांगकांग की सीमा से लगता शहर है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के बलप्रयोग पर चिंता जताई है।

क्या है मामला?
वर्ष 1997 में ब्रिटेन से चीन के अधिकार क्षेत्र में आने के बाद स्वायत्तशासी हांगकांग अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। दो महीने पहले विवादास्पद प्रत्यर्पण कानून के विरोध में शुरू हुआ लोगों का आंदोलन अब हांगकांग से चीन समर्थक शासन व्यवस्था हटाकर लोकतांत्रिक प्रणाली अपनाने की मांग में बदल गया है।

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Posted By: Monika Minal