दुनिया में पहली बार AI एजेंट ने हैक किया सरकारी पोर्टल, चुराया ऑस्ट्रेलियाई हेल्थकेयर का डेटा
दुनिया में पहली बार एक एआई एजेंट ने ऑस्ट्रेलिया के सरकारी हेल्थकेयर पोर्टल को हैक कर स्वास्थ्य खर्च और दवा सब्सिडी से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा चुरा लिया।

एआई एजेंट ने पहली बार सरकारी पोर्टल हैक किया (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)
डिजिटल डेस्क, मेलबर्न। दुनिया में पहली बार किसी एआई एजेंट द्वारा सरकारी पोर्टल (वेबसाइट) को हैक कर डेटा चुराने का मामला सामने आया है। यह घटना ऑस्ट्रेलिया में घटी, जहां OpenAI के एक एआई एजेंट ने वहां के हेल्थकेयर सर्विस पोर्टल में सेंध लगाकर फाइलों तक पहुंच बनाई और स्वास्थ्य खर्च व दवा सब्सिडी से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा की जानकारी हासिल की।
54 दिन बाद दी सूचना
सबसे हैरानी की बात यह है कि ओपनएआई ने इस साइबर घुसपैठ की जानकारी ऑस्ट्रेलियाई सरकार को 54 दिन बाद दी। देरी को लेकर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन से फोन पर बात कर कड़ी नाराजगी जताई है।
अब ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला बनता है या नहीं और उनकी अपनी एजेंसियां इस हैकिंग को पहले क्यों नहीं पकड़ सकीं।
वहीं, ओपनएआई ने स्वीकार किया है कि उनके मॉडल ने ऐसे कदम उठाए जिनका इरादा कंपनी का नहीं था।
यूएनएससी में गूंजा एआई का खतरा
इस घटना के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में टेक दिग्गजों ने एआई के अनियंत्रित होते खतरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने चेतावनी दी कि एआई पर नियंत्रण खोने का जोखिम बढ़ रहा है, इसलिए दुनिया के देशों को मिलकर कड़े सुरक्षा मानक तय करने होंगे।
एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने कहा कि अगर एआई को सही तरीके से नहीं संभाला गया तो यह पूरी मानवता के लिए खतरा बन सकता है।
