द हेग (प्रेट्र)। सीरिया सरकार के रासायनिक हमले की जांच के लिए डोउमा आने वाले अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों का दौरा फिलहाल टल गया है। निरीक्षकों के दौरे से पहले संयुक्त राष्ट्र की एक सुरक्षा टीम डोउमा का जायजा ले रही थी, तभी गोलीबारी की वारदात हुई। इसके बाद फैसला हुआ कि निरीक्षकों का दौरा अभी टाला जाए। अंतरराष्ट्रीय रासायनिक हथियार निरीक्षक अब डोउमा कब आएंगे यह तय नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा टीम डोउमा जाकर देख रही थी कि निरीक्षकों के दौरे के लिए हालात ठीक हैं या नहीं। टीम के समक्ष एकत्र होकर स्थानीय लोगों ने हुड़दंग मचाया और इसी दौरान गोलीबारी हुई। सीरिया सरकार के अधिकारी का कहना है कि मिसाइल हमलों के पीड़ित संयुक्त राष्ट्र की टीम के सामने पहुंचे थे। वह आपबीती सुना रहे थे। गोलीबारी से सरकार ने साफ इन्कार किया। आर्गनाइजेशन फॉर द प्रोहिबिशन ऑफ केमिकल वेपन (ओपीसीडब्ल्यू) की तरफ से बताया गया कि सात अप्रैल के रासायनिक हमले की जांच के लिए निरीक्षक सीरिया में पहुंच चुके हैं। डोउमा वह तभी जाएंगे जब हालात अनुकूल होंगे।

गौरतलब है कि सीरिया की सेना ने बड़ी संख्या में नागरिकों की हत्या की थी। इसके जवाब में पश्चिम देशों (अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन) की सेना ने सीरिया पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी थीं। वहां के राष्ट्रपति बसर-अल असद को सबक सिखाने के लिए पिछले सात सालों में पहली बार यह संयुक्त मुहिम चलाई गई है। सुरक्षा टीम पर गोलीबारी के मामले में पश्चिमी देशों ने कहा, रूस की मदद से सीरिया डोउमा हमले के साक्ष्य मिटा रहा है। उधर, रूस ने आरोपों से इन्कार किया है।सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के राजदूत ने कहा कि सुरक्षा टीम को स्थिति अनुकूल लगी तो निरीक्षक बुधवार को रासायनिक हमले की जांच कर सकते हैं।

सीरियाई फौजों ने दमास्कस में विद्रोहियों पर की बमबारी

सीरियाई फौजों ने दमास्कस में विद्रोहियों पर बमबारी की। आइएस आतंकियों का अब केवल एक ही ठिकाना बचा है। बमबारी का मकसद सीरिया की फौजों की राह आसान करना था। यरमुक में बने फिलीस्तीन शरणार्थी कैंप पर अब आइएस का कब्जा है। सीरिया की मानवाधिकार संस्था ने बताया कि यरमुक व हजर-अल-असवाद कैंप पर हुए हमले में एक की मौत हुई, कई घायल हुए।

Posted By: Arti Yadav