म्यूनिख, एएनआइ। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक बार फिर पाकिस्तान पर हमला बोला और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पड़ोसी देश की सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। अफगान राष्ट्रपति द्वारा आतंकवाद को खत्म करने की दिशा में पाकिस्तान के झूठे दावों की पोल ऐसे वक्त पर खोली गई है, जब आतंकियों की फंडिंग रोकने को लेकर वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की फ्रांस की राजधानी पेरिस में अहम बैठक चल रही है।

56वें म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में की पाकिस्‍तान की आलोचना

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की विफलता को लेकर गनी ने यह एलान 56वें म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के इतर अमेरिकी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में किया। प्रतिनिधिमंडल में अमेरिकी संसद के निचले सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी भी मौजूद थीं। अफगानिस्तान में आतंकी संगठन तालिबान को लेकर गनी ने कहा कि इस समस्या का हल बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करी के जरिये आतंकी संगठन आज भी धन जुटा रहा है।

आतंकियों पर कार्रवाई के नाम पर दिखावा

जैश ए मुहम्मद का सरगना मसूद अजहर, मुंबई हमले का मास्टरमाइंड जाकिर रहमान लखवी जैसे खूंखार आतंकियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पाकिस्‍तान आतंकियों पर कार्रवाई के नाम पर केवल दिखावा कर रहा है। दूसरी तरफ फ्रांस जैसे कुछ दूसरे देश भी हैं जो पाकिस्तान की तरफ से उठाये जाने वाले कदमों को पर्याप्त नहीं मानते। उनका भी दवाब होगा कि पाकिस्तान को फिलहाल एफएटीएफ को कोई छूट नहीं मिले। 

कश्मीर मसला भारत अकेले ही सुलझा लेगा

म्यूनिख सेक्योरिटी कांफ्रेंस में एक पैनल चर्चा में सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि कश्मीर मुद्दे को लोकतांत्रिक तरीके से हल करना किसी लोकतंत्र के लिए सबसे अच्छी बात हो सकती है। रिपब्लिकन नेता ने कहा, 'जब कश्मीर की बात आती है, तो मैं नहीं जानती कि यह मसला कैसे हल होगा। लेकिन एक बात सुनिश्चित करना चाहती हूं कि दोनों लोकतंत्र (भारत और पाकिस्तान) निश्चित तौर पर हल निकाल लेंगे।' इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब देते हुए कहा था, 'चिंता मत कीजिए सीनेटर। एक ही लोकतांत्रिक देश है, जो इस मसले को सुलझाएगा और आप जानती हैं कि वह कौन सा देश है।' 

Posted By: Arun Kumar Singh

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