काबुल, एएनआइ। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान में अपने हिंसक अभियान को तेज कर दिया है और उनके सैन्य हमले को पाकिस्तानी की जासूसी एजेंसी आईएसआई का समर्थन प्राप्त है जो हक्कानी नेटवर्क और अल-कायदा के साथ तालिबान के आतंकी संगठन को जोड़ने की कोशिश कर रही है। अफगान मंत्रालय ने 31 जुलाई को एक ब्रीफिंग में कहा कि तालिबान ने जहां 193 से अधिक जिला केंद्रों और 19 सीमावर्ती जिलों पर कब्जा कर लिया है वहीं अफगान राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा बलों (ANDSF) ने नौ जिला केंद्रों पर फिर से कब्जा कर लिया। हालांकि, 200 से अधिक जिला केंद्र सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं।

तालिबान ने तखर, कुंदुज, बदख्शां, हेरात और फराह प्रांतों में देश भर में 10 सीमा पार करने वाले बिंदुओं पर भी नियंत्रण कर लिया है, जिससे इन क्षेत्रों में सीमा पार से आवाजाही और व्यापार पूरी तरह से बंद हो गया है। मंत्रालय ने आगे खुलासा किया कि 14 अप्रैल से लगभग 4000 ANDSF कर्मी मारे गए हैं और 7,000 से अधिक घायल हुए हैं और लगभग 1,600 लोगों को तालिबान द्वारा कब्जा कर लिया गया है। इनसाइडओवर की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक हुई हिंसा में महिलाओं और बच्चों सहित 2000 नागरिक भी मारे गए थे और 2200 अन्य घायल हुए हैं।

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), लश्कर-ए-तैयबा, लश्कर इस्लाम, जैश-ए-मोहम्मद, जमात उल अहरार, तंजीम उल बद्र और लश्कर जंगवी सहित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह पूर्वी प्रांतों जैसे कुनार, नूरिस्तान और में लड़ रहे थे। नंगरहार और ग़ज़ानी, लोगर, खोस्त, पक्तिया, कंधार, ज़ाबुल और हेलमंद प्रांतों में तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के साथ भी लड़ रहे थे।

अफगान सुरक्षा बलों ने 24 घंटे में ढेर किए 100 आतंकी

अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों और तालिबान के बीच संघर्ष तेज हो गया है। अफगान सुरक्षा बलों ने कई प्रांतों में आतंकियों को निशाना बनाया। बीते 24 घंटे में 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया और करीब 90 को घायल कर दिया।समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि हेरात प्रांत में सुरक्षा बलों के अभियान में 52 तालिबान आतंकी मारे गए और 47 घायल हो गए। यह अभियान प्रांतीय राजधानी हेरात सिटी और इसके आस-पास के जिलों में चलाया गया।

Edited By: Shashank Pandey