काबूल, एजेंसी। अफगानिस्तान में जारी तालिबान हिंसा के बीच राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी ने नाटो के वरिष्ठ नागरिक प्रतिनिधि स्टेफानो पोंटेकोरो के साथ मुलाकात की। राष्‍ट्रपति भवन में हुई इस मुलाकात को अफगान शांति प्रक्रिया के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान दोनों पक्षों ने अफगानिस्‍तान शांति प्रक्रिया समेत तमाम ज्‍वलंत मुद्दों पर चर्चा की। इस वार्ता में  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्ला मोहिब ने भाग लिया। बैठक में दोनों पक्षों ने शांति प्रक्रिया पर विचार विमर्श किया गया, विशेष रूप से शांति और सुलह प्रक्रिया पर नाटो समर्थन को मजबूत करने पर बल दिया गया। पोंटेकोरोव ने अफगानिस्तान में स्थाई सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करने के लिए नाटो की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

तालिबान लड़ाकों की रिहाई को लेकर अफगान सरकार से मतभेद 

नाटो दूत और अफगानिस्‍तान राष्‍ट्रपति की मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब तालिबान अपने लड़ाकों की रिहाई पर अड़ा हुआ है। इससे शांति प्रक्रिया अधर में लटक गई है। तालिबान का कहना है कि पहले अफगानिस्‍तान सरकार उसके सभी 5 हजार लड़ाकों को रिहा करे तभी उसके साथ वार्ता संभव है। वहीं, अफगान सरकार का कहना है कि इन लड़ाकों को युद्ध अपराध के तहत कैद किया गया है। इन्‍हें इनके द्वारा शांति की गारंटी दिए जाने के बिना रिहा नहीं किया जाएगा। इसके पूर्व अफगान सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि वह प्राथमिकता के आधार पर इनकी रिहाई करेगा। इसमें भी सरकार सभी लड़ाकों की रिहाई एक ही बार न करके कुछ-कुछ अंतराल पर कुछ-कुछ लड़ाकों को रिहा करेगी, लेकिन ये भी तालिबान-सरकार की वार्ता पर तय होगा। अब इस मांग पर ही दोनों पक्षों के बीच तनातनी बढ़ गई है। 

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