काबुल, एपी। अफगानिस्तान के दौरे पर पहुंचे चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को यहां राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने इस दौरान तालिबान से वार्ता समेत चीन की राजधानी बीजिंग में प्रस्तावित अफगान सम्मेलन पर भी चर्चा की। इस सम्मेलन में तालिबान के प्रतिनिधियों के साथ ही कई अफगान नेता भी शामिल होंगे। तालिबान से वार्ता को लेकर इस बैठक को अहम माना जा रहा है।

अफगानिस्तान में 18 साल से जारी संघर्ष को खत्म कराने के प्रयास में चीन भी जुटा है। इसी प्रयास के तहत वह अफगान सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। यह सम्मेलन पहले 29-30 अक्टूबर को होने वाला था, लेकिन किसी वजह से इसे स्थगित कर दिया गया था। सम्मेलन की नई तारीखों का अभी एलान नहीं किया गया है। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को बताया गया कि गनी और वांग ने बातचीत के दौरान शांति प्रक्रिया में सरकार और अफगान नागरिकों की भूमिका को रेखांकित किया। राष्ट्रपति गनी ने इस बात पर जोर दिया कि तालिबान के साथ कोई वार्ता अफगान सरकार की अगुआई में ही होनी चाहिए।

अमेरिका ने रद कर दी थी शांति वार्ता

अफगानिस्तान में शांति की कवायद में अमेरिका गत दिसंबर से कतर की राजधानी दोहा में तालिबान के साथ वार्ता कर रहा था। लेकिन अफगानिस्तान में आतंकी हमले में एक अमेरिकी सैनिक के मारे जाने के बाद ट्रंप ने गत सितंबर में यह वार्ता रद कर दी थी। वार्ता ऐसे समय रद हुई, जब दोनों पक्ष समझौते की दहलीज पर थे। तालिबान के विरोध के चलते इस वार्ता में अफगान सरकार को शामिल नहीं किया गया था। तब से अब तक शांति वार्ता की प्रक्रिया लटकी हुई है। हालांकि, शांति प्रक्रिया के रद होने पर तालिबान ने अमेरिका को काफी धमकियां दीं, जिसके बाद मामला ठंडे बस्‍ते में चला गया।

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Posted By: Tilak Raj

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